
किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, 6 किसान घायल
किसानों ने पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर पिछले 9 महीने से कैंप लगाए हुए हैं. 101 किसानों ने पैदल अंबाला की ओर बढ़ते हुए दो बैरिकेड पार कर लिए हैं, लेकिन अब उन्हें हरियाणा पुलिस और पैरामिलिट्री के बैरिकेड पर रोक लिया गया है. किसानों ने बैरिकेड और कंटीले तार उखाड़ दिए, जिसके बाद हरियाणा पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी. MSP, कर्जमाफी और पेंशन की मांगों को लेकर 13 फरवरी से धरना दे रहे किसानों को हरियाणा सरकार ने मार्च नहीं दिया है. किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए, हरियाणा की गृह सचिव सुमिता मिश्रा ने 11 गांवों में इंटरनेट बंद करने का आदेश दिया है, जो पंजाब-हरियाणा के बॉर्डर से सटे हैं.
आंसू गैस के गोले छोड़े, किसान की तबीयत बिगड़ी
दिल्ली की ओर रवाना होने के लगभग एक घंटे बाद किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जिससे एक किसान की तबीयत बिगड़ी है. हालांकि, आंसू गैस से सांस लेने में होने वाली परेशानी से राहत के लिए किसानों को नमक दिया गया है. अब तक 6 किसान आंसू गैस के गोलों से घायल हो चुके हैं, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं और दूसरे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. किसानों ने आंसू गैस के गोलों से बचने के लिए गीली बोरी लेकर आई है, जिससे वे धुएं से बच सकें.
किसानों को रोकने जमीन पर लगाईं कीलें
किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने लोहे की कीलें सीमेंट में गाड़ दी हैं ताकि गाड़ियां नहीं चल सकें.
किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से जाना चाहते थे. उन्होंने कहा कि हमें जंतर-मंतर या रामलीला मैदान में जगह दी जानी चाहिए थी, जहां हम अपनी बात रख सकते थे, और हमारे साथ क्या हो रहा है, पूरी दुनिया देख रही थी. पंधेर ने कहा कि हम आगे बढ़ेंगे. पंधेर ने कहा कि हमारी उम्मीद है कि सरकार बातचीत का रास्ता खोलेगी, और अगर सरकार हमें दिल्ली नहीं जाने देती तो हम शाम को रणनीति बनाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार को या तो हमें दिल्ली जाने देना चाहिए या फिर बातचीत करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमें किसी राज्य की सरकार से कोई मतभेद नहीं है.
किसान पुल पर तो लोग खेतों में जुटे
पुल पर 101 किसान और उनके साथ आए लोग खेतों में डटे हुए हैं, और अधिक लोग नीचे हैं. प्रशासन ने पहले ही पुलिस को तैनात कर दिया था, ताकि किसान खेतों की ओर नहीं बढ़ सकें.



