Advertisment
रायपुरछत्तीसगढ़

पीरियोडिक लेबर फ़ोर्स का सर्वे : सबसे कम बेरोजगारी दर वाले टॉप 5 राज्यों में शामिल है छत्तीसगढ़

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने रोजगार हासिल करने के मामले में देशभर में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में पीरियोडिक लेबर फ़ोर्स सर्वे (PLFS) ने रिपोर्ट जारी की है। जारी रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ को सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में पांचवां स्थान मिला है। राज्य में चल रहे रोजगार सृजन और विकास प्रयासों के कारण छत्तीसगढ़ अब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ चुका है।

दरअसल देश के 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लेबर सहभागिता रेट राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इसी तरह कुल आबादी में काम करने वालों की संख्या यानी वर्कर जनसंख्या का रेश्यों देखें तो सिक्किम सबसे ऊपर है। छत्तीसगढ़ दुसरे स्थान पर है। छह साल की बेरोजगारी दर देखें तो राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सबसे कम गिरावट आई है। वहीं दिल्ली में सबसे ज्यादा कमी आई है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) ने  पीएलएफएस के लिए नमूना सर्वेक्षण और डेटा संग्रह का कार्य किया जाता है।

इसे भी पढ़ें:  दिसंबर महीने की पहली तारीख को लगा महंगाई का झटका : LPG सिलेंडर 18.50 रुपये महंगा

PLFS रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ पांचवे नंबर पर 

पीरियोडिक लेबर फ़ोर्स सर्वे (PLFS) की रिपोर्ट ने देशभर के विभिन्न राज्यों में बेरोजगारी के आंकड़ों भी दर्शाया गया है। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा लोग कोई न कोई काम करते है। इस सूची में गुजरात दुसरे और महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर है। रिपोर्ट के अनुसार, केरल में बेरोजगारी दर सबसे अधिक रही, जहां 15-29 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर 29.9% दर्ज की गई। केरल में महिलाओं में बेरोजगारी दर 47.1% और पुरुषों में 19.3% रही। इसके अलावा, लक्षद्वीप में बेरोजगारी दर सबसे अधिक 36.2% दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ को देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में पांचवां स्थान मिला है।

इसे भी पढ़ें:  जांजगीर-चांपा पुलिस को मिली बड़ी सफलता, म्यूल अकाउंट के तीन फरार आरोपी गिरफ्तार
periodic lebour force servey report
जारी सर्वे रिपोर्ट

आधुनिक शिक्षा और कौशल विकास पर जोर

छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा और कौशल विकास को रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में माना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास करें। जिससे वे नए उद्योगों में काम करने के लिए तैयार हो सकें। राज्य में कई कौशल विकास केंद्र खोले गए है। जहां युवाओं को आधुनिक तकनीकों और कौशलों की शिक्षा दी जा रही है।

विकास और पीएम मोदी का विज़न

छत्तीसगढ़ अब रोजगार सृजन और विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों के कारण पीएम नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी साकार हो रहा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के जरिए सरकार ने राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। पीएम मोदी ने जिस प्रकार देश के हर कोने में विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार उसी दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

इसे भी पढ़ें:  रायपुर की बेटी पूर्णिमा दास झारखंड में बनेगी MLA

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles