Advertisment
छत्तीसगढ़रायपुर

राजधानी में ठगों ने RTO एजेंट को किया डिजिटल अरेस्ट, मुंबई ATS बनकर लूटे 17.15 लाख

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है. आरोपियों ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताकर टिकरापारा निवासी एक RTO एजेंट और उसके पूरे परिवार को 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट में रखा और 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

जानकारी के अनुसार, RTO एजेंट शरद कुमार तिवारी को अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार और बैंक खाते का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में हुआ है. गिरफ्तारी से बचने और जांच में सहयोग करने के नाम पर उन्हें वीडियो कॉल पर रहने के निर्देश दिए गए.

इसे भी पढ़ें:  दिसंबर महीने की पहली तारीख को लगा महंगाई का झटका : LPG सिलेंडर 18.50 रुपये महंगा

आरोपियों ने पीड़ित को डराते हुए कहा कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इसके बाद उन्हें और उनके परिवार को 24 घंटे तक डिजिटल निगरानी में रखा गया. इस दौरान बैंक खातों की जानकारी लेकर अलग-अलग किस्तों में कुल 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए.

परिवार को भी रखा दबाव में

साइबर ठगों ने परिवार के सदस्यों को भी वीडियो कॉल पर शामिल कर मानसिक दबाव बनाया. किसी को फोन न करने और घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई. लगातार निगरानी और धमकी के चलते परिवार पूरी तरह सहम गया और आरोपियों के निर्देशों का पालन करता रहा.

इसे भी पढ़ें:  नक्सली बोलते थे-कांग्रेस का समर्थन करो, वरना मार देंगे

शिकायत के बाद मामला दर्ज

जब ठगी का अहसास हुआ तो शरद कुमार तिवारी ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है. बैंक खातों और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है.

पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई, एटीएस या किसी केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें. किसी भी जांच एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं किया जाता और न ही बैंक खातों की जानकारी मांगी जाती है. किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में दें.

इसे भी पढ़ें:  छत्तीसगढ़ के इस जिले में मोबाइल चोर गिरोह सक्रिय, दिनदहाड़े घर में घुसकर वारदात को दे रहे अंजाम, VIDEO देख उड़ जाएंगे होश

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles