Advertisment
छत्तीसगढ़रायपुरशिक्षा – रोज़गार

छत्तीसगढ़ में 5वीं तक छत्तीसगढ़ी में होगी पढ़ाई:कोर्स तैयार करने साहित्यकारों-लोक कलाकारों से लेंगे मदद

contact for Ad1
S G Travels
Screenshot 2026-01-25 175805
Screenshot 2026-01-25 175719
Screenshot 2026-01-25 175938
Screenshot 2026-01-25 180111
Screenshot 2026-01-25 180040
Screenshot 2026-01-25 180006
Screenshot 2026-01-25 175908
Screenshot 2026-01-25 175838

छत्तीसगढ़ में जल्द ही छत्तीसगढ़ी में पहली से पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई शुरू होने जा रही है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद इसका कोर्स तैयार कर रहा है। वहीं सरकार के आदेश को लेकर नंद किशोर शुक्ल ने कहा कि आदेश स्पष्ट नहीं है, शिक्षा विभाग स्पष्ट आदेश जारी करे।

छत्तीसगढ़ी में कोर्स को लेकर साहित्यकारों, लोक कथाकारों, लोक गीतकार, शिल्पकारों, लोक संगीतकारों, लोक नर्तकों, कथा, कहानी, गीत, नाटकों के प्रस्तुतकर्ता और संकलनकर्ता से मदद ली जाएगी।साथ ही ऐसे वरिष्ठ नागरिक और शिक्षक जिनको छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति में रूचि हो।

छत्तीसगढ़ में कक्षा पहली से पांचवी तक होगी छत्तीसगढ़ी की पढाई
छत्तीसगढ़ में कक्षा पहली से पांचवी तक होगी छत्तीसगढ़ी की पढाई

चयनित सामग्री से होगी पढ़ाई

इसे भी पढ़ें:  चुनाव बहिष्कार करने ग्रामीणों ने SDM को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ी साहित्य का संकलन कर चयनित सामग्री का उपयोग प्राइमरी के बच्चों को पढ़ाने में किया जाएगा। इस काम के लिए विकासखंडवार साहित्यकारों व लोक कथा व कलाकारों की सूची बनाई जाएगी। छत्तीसगढ़ी, सरगुजिहा, हल्बी, सादरी, गोंडी और कुंडख में कोर्स बनेगा।

विकासखंडवार तैयार होगी साहित्यकारों सूची

छत्तीसगढ़ी, सरगुजिहा, हल्बी, सादरी, गोंडी और कुंडख में कोर्स बनेगा। डाइट की ओर से जारी सरकुलर में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का संदर्भ देते हुए कहा गया है कि बहु भाषावाद और भाषा की शक्ति के अनुसार पहली से पांचवीं कक्षा तक विद्यार्थियों के लिए उनकी घर की भाषा, मातृभाषा, स्थानीय भाषा, क्षेत्रीय भाषा का माध्यम होना चाहिए।

इसे भी पढ़ें:  बड़ा फर्जीवाड़ा : भाजपा नेता की भतीजी ने फर्जी EWS सर्टिफिकेट लगाकर हथियाई मेडिकल सीट, हुआ खुलासा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मूल अनुशंसाओं को ध्यान में रखकर भविष्य की तैयारी के उद्देश्य से प्रदेश में प्रथम चरम में 6 स्थानीय भाषाओं में पाठ्य पुस्तकें डाइट के मार्गदर्शन में तैयार की जाएंगी। डाइट रायपुर को नोडल डाइट और दुर्ग को सहयोगी डाइट की भूमिका निभानी होगी।

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles