
सरकार ने जुटाए 1 लाख 87 हजार करोड़ GST, अब तक का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा
सरकार ने अक्टूबर 2024 में वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी से 1.87 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं. सालाना आधार पर इसमें 9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. एक साल पहले अक्टूबर 2023 में सरकार ने 1.72 लाख करोड़ रुपये जीएसटी जुटाए थे.
यह सकल कर संग्रह के लिहाज से अब तक का दूसरा सबसे बड़ा संग्रह है. इससे पहले सरकार ने अप्रैल 2024 में 2.10 लाख करोड़ रुपये और अप्रैल 2023 में 1.87 लाख करोड़ रुपये जीएसटी जुटाए थे.
वहीं, पिछले महीने सितंबर में सरकार ने जीएसटी से 1.73 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे. रिफंड के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा. यह आंकड़ा पिछले साल अक्टूबर के मुकाबले 8 फीसदी ज्यादा है.
वित्त वर्ष की पहली छमाही में औसत संग्रह ₹1.77 लाख करोड़
यह संग्रह में सिंगल डिजिट वृद्धि का तीसरा महीना है. सितंबर में सकल जीएसटी संग्रह में 6.5% की वृद्धि हुई. वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के 1.86 लाख करोड़ रुपये की तुलना में दूसरी तिमाही में औसत जीएसटी संग्रह की गति धीमी होकर 1.77 लाख करोड़ रुपये प्रति माह हो गई.
अक्टूबर लगातार आठवां महीना है जब मासिक संग्रह 1.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है. वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में जीएसटी संग्रह 10.87 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 24 की पहली छमाही की तुलना में 9.5% अधिक था.
जीएसटी संग्रह अर्थव्यवस्था की सेहत को दर्शाता है
जीएसटी संग्रह अर्थव्यवस्था के समग्र स्वास्थ्य का संकेतक है. अप्रैल महीने के जीएसटी संग्रह के आंकड़ों पर केपीएमजी के राष्ट्रीय प्रमुख अभिषेक जैन ने कहा कि अब तक का सबसे अधिक जीएसटी संग्रह मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था को दर्शाता है.
2017 में लागू हुआ था जीएसटी
सरकार ने 1 जुलाई 2017 को पूरे देश में जीएसटी लागू किया था. इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 कर और 13 उपकर हटा दिए गए थे. जीएसटी के 7 साल पूरे होने पर वित्त मंत्रालय ने पिछले सात सालों में हासिल की गई उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी.
जीएसटी एक अप्रत्यक्ष कर है. इसे 2017 में कई तरह के पिछले अप्रत्यक्ष करों (वैट), सेवा कर, खरीद कर, उत्पाद शुल्क और कई अप्रत्यक्ष करों की जगह लागू किया गया था. जीएसटी में 5, 12, 18 और 28% के चार स्लैब हैं.



