Advertisment
छत्तीसगढ़

लगी महंगी बिजली का झटका: छह हजार करोड़ के घाटे की याचिका, जनसुनवाई के बाद तय होगा नया टैरिफ

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM
ChatGPT Image Aug 14, 2026, 09_44_19 AM
ChatGPT Image Aug 14, 2026, 09_46_45 AM
ChatGPT Image Aug 14, 2026, 09_35_18 AM
ChatGPT Image Aug 14, 2026, 09_41_56 AM
ChatGPT Image Aug 14, 2026, 09_49_26 AM
ChatGPT Image Aug 14, 2026, 09_53_04 AM

रायपुर। नए सत्र 2026-27 के लिए बिजली का नया टैरिफ तय करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बिजली नियामक आयोग में छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने जो याचिका लगाई है, उसमें छह हजार करोड़ का घाटा बताया गया है। ऐसे में यह तय है कि इस साल भी महंगी बिजली का झटका लगेगा। अब यह झटका कितना बड़ा होगा, इसका फैसला तो नियामक आयोग करेगा। पिछली बार पॉवर कंपनी ने पांच हजार करोड़ का घाटा बताया था, इसको आयोग ने पांच सौ करोड़ माना था। इस बार आयोग जितना घाटा मानेगा, उसके हिसाब से टैरिफ तय होगा। टैरिफ तय करने से पहले जनसुनवाई भी होगी।

इसे भी पढ़ें:  प्रिंसिपल का ट्रांसफर होने पर स्टूडेंट्स नाराज, सड़क पर उतरे

नियमों के मुताबिक पॉवर कंपनी को दिसंबर माह में नए सत्र के टैरिफ के लिए याचिका लगानी रहती है। पॉवर कंपनी ने आयोग से 31 दिसंबर तक का समय याचिका लगाने के लिए मांगा था। इसके एक दिन पहले ही 30 दिसंबर को पॉवर कंपनी ने अपनी याचिका लगा दी है। इस याचिका में पूरा लेखा-जोखा देते हुए पॉवर कंपनी ने बताया है कि नए सत्र 2026-27 में उसको कितने का राजस्व मिलेगा और उसका खर्च कितना है। इस सत्र के फायदे के साथ पुराना घाटा भी बताया गया है। नए सत्र के फायदे को पुराने घाटे में कम करने के बाद भी पॉवर ने करीब छह हजार करोड़ के राजस्व की जरूरत बताते हुए टैरिफ में इजाफा करने की मांग रखी है।

इसे भी पढ़ें:  राजस्व विभाग का बाबू रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार:गौरेला नगर पालिका में ACB की रेड, सहायक राजस्व निरीक्षक के पास मिले 8000

पांच हजार करोड़ के घाटे को माना था पांच सौ करोड़
चल रहे वित्तीय वर्ष की बात करें तो पॉवर कंपनी ने नियामक आयोग में जो याचिका लगाई थी, उसमें करीब पांच हजार का घाटा बताया था, लेकिन आयोग ने इसको पांच सौ करोड़ माना था। कंपनी द्वारा मांग की गई वार्षिक राजस्व आवश्यकता 28397.64 करोड़ रुपए के स्थान पर 25636.38 करोड़ रुपए मान्य किया गया था। वितरण कंपनी द्वारा इस वित्तीय वर्ष हेतु अनुमानित विद्युत विक्रय 35727 मिलियन यूनिट के स्थान पर 36540 मिलियन यूनिट मान्य की गई थी। इसी तरह वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विद्युत की अनुमानित बिक्री पर प्रचलित टैरिफ से अनुमानित 4947.41 करोड़ रुपए राजस्व घाटे के स्थान पर 523.43 करोड़ रुपए मान्य किया था। पॉवर कंपनी के घाटे को पूरा माना जाता तो दरें 20 फीसदी तक बढ़ानी पड़ती लेकिन आयोग के घाटा पांच सौ करोड़ माना था इसलिए दरें दो फीसदी से भी कम बढ़ाई गई थी। अब इस बार आयोग पॉवर कंपनी का कितना घाटा मानता है, उसके हिसाब से ही नया टैरिफ तय होगा।

इसे भी पढ़ें:  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर नन्हें बाल गोपालों की अठखेलियों से गुलजार हुआ मुख्यमंत्री निवास, CM साय ने आंगनबाड़ी के बच्चों संग हर्षोल्लास के साथ मनाई जन्माष्टमी

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles