
DA का ऐलान उसके बाद भी घमासान, पेंशनरों ने क्यों जताई नाराजगी
रायपुर: छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ते (डीए) को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर पेंशनरों ने नाराजगी जाहिर की. भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने इसे “आधा-अधूरा और अस्पष्ट” करार देते हुए कहा कि ”मुख्यमंत्री ने केवल कर्मचारियों के लिए डीए बढ़ाने की घोषणा की, लेकिन पेंशनरों के लिए महंगाई राहत (डीआर) पर चुप्पी साध ली. इससे प्रदेश के एक लाख से अधिक पेंशनरों में निराशा फैल गई है”.
DA का ऐलान उसके बाद भी घमासान: भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कि ”मुख्यमंत्री की घोषणा में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि जनवरी 2025 से एरियर भुगतान की प्रक्रिया क्या होगी. इस अधूरी घोषणा से कर्मचारियों और पेंशनरों दोनों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है”.
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ: महासंघ से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों पूरनसिंह पटेल, द्रौपदी यादव, जे पी मिश्रा, अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, आर जी बोहरे, टी पी सिंह, बी एस दसमेर, ओ पी शर्मा, आर के साहू, अनिल पाठक, शरद काले और नरसिंग राम सहित अन्य नेताओं ने भी पेंशनरों के लिए तत्काल 2 प्रतिशत डीआर एरियर सहित लागू करने की मांग की. महासंघ ने सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच भेदभाव खत्म करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि दोनों वर्गों को राहत मिल सके.
2 प्रतिशत डीआर एरियर बढ़ाने की मांग: बता दे कि छत्तीसगढ़ के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी राहत की घोषणा की है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) 2 प्रतिशत बढ़ाने का ऐलान किया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब प्रदेश के कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा, जो कि केंद्र के बराबर होगा.



