
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराध के खिलाफ कांग्रेस ने आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव के लिए कूच किया. प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में आयोजित इस बड़े प्रदर्शन में प्रदेश भर से हजारों कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए. घेराव से पहले रायपुर नगर निगम के सामने एक विशाल सभा का आयोजन किया गया, जहां वरिष्ठ नेताओं ने पिछले डेढ़ साल में प्रदेश में बढ़ते अपराध के आंकड़ों के साथ महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार, लूट और हत्या सहित कई मुद्दों पर साय सरकार के खिलाफ हमला बोला. हालांकि सरकार के खिलाफ इस बड़े प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के साथ प्रदेश कांग्रेस के सबसे बड़े नेता पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव शामिल नहीं हुए.
घेराव में शामिल होने प्रदेश भर से पहुंचे नेता
अपराध के खिलाफ आवाज उठाने CM निवास घेराव में पीसीसी चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व पीसीसी चीफ धनेंद्र साहू, सह-प्रभारी विजय जांगीड़, जरिता लैतफलांग, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलो देवी नेताम, प्रभारी महामंत्री मलकीत गैदू, विधायक अंबिका मरकाम, चातुरी नंद, उमेश पटेल, पूर्व विधायक अरुण वारा, गुरमुख होरा, पूर्व सांसद छाया वर्मा, पूर्व विधायक अनीता शर्मा, पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, विकास उपाध्याय, सत्यनारायण शर्मा, प्रमोद दुबे सहित संगठन के पदाधिकारी, एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए.
पुलिस के साथ झूमाझटकी, कार्यकर्ताओं ने तोड़े बैरिकेड
CM हाउस की ओर कूच करने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने ट्रिपल लेयर सुरक्षा व्यवस्था की. सैकड़ों पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद कार्यकर्ताओं ने दो बैरिकेड तोड़कर ओसियम चौक तक पहुंचने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हुई. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ “निर्मम व्यवहार” किया और महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया. 42 डिग्री तापमान में कई कार्यकर्ता बेहोश हो गए.



