
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान 80 प्लस मतदाताओं को घर बैठे वोटिंग की सुविधा दी गई है। अब चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के लिए यह उम्र सीमा 85 साल कर दी है। इसके लिए सभी जिलों के कलेक्टरों और रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। ऐसे वोटर्स के नाम सिलेक्ट कर उन्हें सुविधाएं दी जाएगी।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में 80 से ज्यादा उम्र वाले 1 लाख 86 हजार 215 वोटर्स है। इनमें से 85 साल और उससे ज्यादा उम्र वाले मतदाताओं का आंकड़ा तैयार किया जा रहा है। ऐसे मतदाताओं की संख्या 64 हजार से ज्यादा है। इसके अलावा प्रदेश में 100 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र वाले मतदाताओं की संख्या 2 हजार 462 है।
भारत निर्वाचन आयोग ने दिव्यांग और वयोवृद्ध मतदाताओं को वोटिंग के लिए राहत देने का काम पिछले चुनावों में किया था। ऐसे वोटर्स को मताधिकार के उपयोग के लिए प्रेरित करने के लिए कई सुविधाएं दी गई हैं। जिसमें 80 साल से अधिक आयु के मतदाताओं को अपने घर से ही मतदान की सुविधा देना भी शामिल था। इस प्रावधान में अब संशोधन किया गया है।
नए प्रावधान के अनुसार, अब 85 साल से अधिक आयु के मतदाताओं को ही घर से मतदान की सुविधा दी जाएगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार उन्हें मतदान के लिए डाकमत पत्र से मतदान की सुविधा दी जाएगी।




