
‘बीजेपी ने AAP पर लगाया वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप,’ वीरेंद्र सचदेवा ने पूछा- 14 लाख लोग कहां से आए?
दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर अब सियासत तेज हो गई है. दिल्ली चुनाव में वोटर लिस्ट को लेकर आम आदमी पार्टी और BJP में घमासान मचा हुआ है. एक ओर जहां AAP ने पूर्वांचल के लोगों के लोगों का बांग्लादेशी बताकर BJP पर वोटर लिस्ट से नाम हटाने काटे जाने का विरोध किया था वहीं अब दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने वोटर लिस्ट बनाने में AAP पर धांधली का आरोप लगाया है. 14 लाख वोटरों पर सवाल किया है. सचदेवा ने कहा कि 2014 में जब चुनाव हुए थे तब दिल्ली में मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 19 लाख थी. इसके बाद 2015 में यह संख्या बढ़कर 1 करोड़ 33 लाख पहुंच गई. बढ़े हुए 14 लाख लोगों को कौन लाया और कहां से आए इसका कोई जवाब नहीं है. उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों और मृतकों के नाम जोड़े गए हैं. BJP ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है.
बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में 2014 और 2015 के बीच मतदाता संख्या में 14 लाख का इजाफा हुआ. उन्होंने पूछा कि इतने लोग आखिर कहां से आए? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2015 से 2019 के बीच केवल 6 लाख मतदाता बढ़े, लेकिन 5 महीनों में अचानक 9 लाख नए वोटर कैसे जुड़ गए.
सचदेवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह गड़बड़ी आम आदमी पार्टी की साजिश है. उन्होंने दावा किया कि मृत लोगों और बाहरी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए गए हैं. शाहीन बाग में एक आरोपी मोहम्मद जमील आलम के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने का भी उल्लेख किया.
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने यह काम 2015 में किया फिर 2019 में किया और अब 2025 में हम यह होने नहीं देंगे. पिछले 15 दिन में नए वोटर बने हैं. मैं केवल एक उदाहरण दे रहा है कि एक वोटर का नाम नवाबुद्दीन है, उम्र 66 साल है. पहले यह भाई साहब कहां थे क्या कोई बता सकता है?
बीजेपी ने कहा कि वोटर लिस्ट में धांधली केवल विधानसभा सीट पर नहीं है. नई दिल्ली सीट पर भी ऐसे कई मामले हैं. हम ऐसे लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग करते हैं. जो लोग दिल्ली के हैं नहीं, उनका कोई अस्तित्व नहीं है तो फिर उनका वोट क्यों बनाया जा रहा है. दिल्ली में अगर छानबीन होगी तो यह संख्या हजारों की संख्या में होगी. कुर्सी बचाने के लिए किस हद तक केजरीवाल जा सकते हैं यहां बैठे कुछ लोग इसका उदाहरण हैं.
बीजेपी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अपनी कुर्सी बचाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली में सही तरीके से छानबीन हो तो गड़बड़ी की संख्या हजारों में हो सकती है. बीजेपी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि दोषियों पर केस दर्ज किया जाए ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके.



