
जगदलपुर : बस्तर में सर्व आदिवासी समाज ने आज बस्तर बंद का ऐलान किया है। समाज के सदस्यों का कहना है कि बस्तर में अनाधिकृत रूप से घुसपैठिए घुस रहे हैं। इसकी जानकारी न तो प्रशासन को दी जा रही है और न ही पुलिस को। बिना किसी जानकारी के लोग किराए में मकान भी दे रहे हैं। उनकी पहचान भी नहीं है।
सर्व आदिवासी समाज के लोगों का कहना है कि बांग्लादेश के मौजूदा हालात के कारण वहां से कुछ घुसपैठिए बस्तर के अलग-अलग इलाकों में रहने लगे हैं। बस्तर पांचवीं अनुसूची का क्षेत्र है।संभागभर के अलग-अलग जिलों के शहरों, कस्बों और गांवों में भी घुसपैठिए घुस आए हैं।

घुसपैठियों की पहचान कर बाहर भगाने की मांग
बस्तर में सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द यहां से वापस भेजा जाए। इसी मांग को लेकर बंद का आह्वान किया गया है।
दुकानें बंद, जरूरी सेवाएं शुरू
सर्व आदिवासी समाज के बस्तर बंद का असर देखने को मिल रहा है। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर की व्यावसायिक प्रतिष्ठानें बंद हैं। हालांकि, मेडिकल जैसी इमरजेंसी सेवाएं चल रही हैं। यात्री बसें चल रही हैं।
दंतेवाड़ा में नहीं दिखा असर
जगदलपुर में बंद का व्यापक असर है तो वहीं दंतेवाड़ा जिला खुला है। जिला मुख्यालय, गीदम दोनों बड़े नगर में बंद का कोई असर नहीं है। सारी दुकानें खुली हैं।

एक दिन पहले हुआ था विवाद
जगदलपुर के आड़ावाल के पास कुछ बाहरी लोगों के प्रवेश की खबर मिली थी। वे लोग यहां एक किराए के मकान में रह रहे थे। इसकी जानकारी समाज के सदस्यों को मिली थी, जिसके बाद विवाद की स्थिति देखने को मिली थी। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने विवाद शांत करवाया था।



