
धर्मसंकट में फंसे राहुल गांधी! कहा- दुविधा में हूं, क्या चुनूं?
लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद पहली बार कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज (बुधवार) को केरल के दौरे पर हैं। राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड पहुंचे। राहुल ने मलप्पुरम में एक जनसभा को संबोधित किया। जनसभा के दौरान कांग्रेस नेता ने कहा कि आप लोगों से जो प्यार मिला है उससे मैं धर्मसंकट में फंस गया हूं। दोनों जगह मुझे इतना प्यार मिला है कि वायनाड सीट छोड़ूं या रायबरेली मैं यह निर्णय नहीं ले पा रहा हूं। यह समय मेरे लिए धर्मसकंट है।
राहुल ने कहा कि मोदी की तरह मुझे भगवान से गाइडेंस नहीं मिल रही है। मैं साधारण मनुष्य हूं। वायनाड या रायबरेली का फैसला मुझे खुद ही करना होगा। मेरे लिए देश की गरीब जनता ही मेरी भगवान है। मैं जनता से बात करूंगा और फैसला लूंगा।
लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था। उन्होंने केरल की वायनाड और यूपी रायबरेली सीट से चुनाव लड़ा और दोनों ही सीटों पर जबरदस्त मार्जिन से जीत हासिल की है। राहुल इससे पहले 2014 में भी वायनाड और यूपी की अमेठी सीट से चुनाव लड़े थे। हालांकि, वो अमेठी में हार गए थे और वायनाड की जनता ने उन्हें सांसद चुनकर लोकसभा भेजा था। इस बार भी दो सीटों पर चुनाव लड़े और दोनों पर जीत हासिल की है।
रायबरेली गांधी परिवार की पारंपरिक सीट
कांग्रेस और राहुल गांधी के सामने संकट यह भी है कि एक सीट (रायबरेली) गांधी परिवार की पारंपरिक और गढ़ मानी जाती है। तो दूसरी सीट (वायनाड) की जनता ने उस समय राहुल को अपनाया, जब वो खुद की परंपरागत सीट (अमेठी) से चुनाव हार गए थे। ऐसे में वो दोनों सीटों के वोटर्स से सीधे जुड़ाव महसूस करते हैं। फिलहाल, राहुल जिस सीट से इस्तीफा देंगे, वहां उपचुनाव होंगे और कांग्रेस के पास मौका रहेगा कि वो वहां अपना उम्मीदवार को उतारकर जीतने की कोशिश करेगी।
इस चुनाव में नफरत को प्यार से हराया है
बुधवार को वायनाड संसदीय क्षेत्र के मलप्पुरम पहुंचे। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि इस चुनाव में नफरत को प्यार से हराया गया है। विनम्रता से अहंकार पराजित हुआ है। दरअसल सच तो यह है कि प्रधानमंत्री वाराणसी में हारने से बाल-बाल बचे हैं। अयोध्या में बीजेपी की हार हुई तो अयोध्या के लोगों ने भी संदेश दिया है कि हम हिंसा और नफरत का समर्थन नहीं करते हैं। मैं आपको बता सकता हूं कि दिल्ली में बनी सरकार एक अपंग सरकार है। विपक्ष ने बीजेपी को बड़ा झटका दिया है. आप देखेंगे कि नरेंद्र मोदी का रवैया भी बदलेगा. क्योंकि भारत के लोगों ने उन्हें एक संदेश भेजा है।



