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चावल पहली बार हुआ इतना महंगा:12 रुपए तक बढ़े सामान्य चावल के दाम, दाल भी महंगी

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छत्तीसगढ़ में धान की कीमत बढ़ने की वजह से खुले बाजार में चावल महंगा होता जा रहा है। दिसंबर तक सामान्य चावल की कीमत 50 रुपए किलो से कम थी, लेकिन जनवरी 2024 से चावल की कीमत बढ़ती ही जा रही है। मिडिल क्लास परिवारों में उपयोग में आने वाला कोई भी चावल अभी बाजार में 40 से 50 रुपए किलो में नहीं​ मिल रहा है। ​

बेहतर क्वालिटी का चावल 60 से 65 रुपए किलो में ​मिल रहा है। अप्रैल से मई तक चावल की कीमत 10 से 12 रुपए किलो तक बढ़ गई है। चावल की बढ़ती कीमत ने आम लोगों को परेशान कर दिया है। इससे महीने का बजट भी बढ़ गया है। अब दाल की कीमत भी तेजी से बढ़ रही है। दो से तीन महीने पहले 90 से 100 रुपए किलो में बिकने वाली अरहर दाल अभी थोक में 145 से 175 और चिल्हर में 180 से 190 रुपए किलो तक में ​बिक रही है।

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इसी तरह मूंग दाल की कीमत भी बढ़कर 115 से 130 रुपए किलो हो गई है। एक महीने पहले तक चना दाल 50 रुपए किलो से भी कम में बिक रहा था, लेकिन अभी इसकी कीमत बढ़कर 75 से 85 रुपए किलो तक हो गई है। महाराष्ट्र में साबूत दाल और कच्चा मटेरियल की कीमत बढ़ने की वजह से ही दाल महंगी हुई है। व्यापारियों का दावा है कि बाजार में अब चावल और दाल की कीमत कम नहीं होगी। आने वाले महीनों में भी इसी कीमत पर दाल बिकेगी।

दाल का नया स्टॉक अब तक नहीं पहुंचा बाजारों में

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आमतौर पर अरहर और दूसरे दाल की फसल तैयार होकर मार्च-अप्रैल तक बाजारों में पहुंच जाती थी। लेकिन नई फसल की दाल अब तक बाजारों में नहीं पहुंची है। छत्तीसगढ़ में 90 फीसदी दाल की आवक महाराष्ट्र के शहरों से होती है। बेमौसम बारिश की वजह से महाराष्ट्र में अरहर की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है।

इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार की कुछ पॉलिसियों की वजह से साबूत दाल और रॉ मटेरियल महंगा हो गया है। इस वजह से अभी जो दाल छत्तीसगढ़ आ रही है वो बढ़ी हुई कीमत पर ही आ रही है। डिमांड के अनुसार सप्लाई नहीं होने की वजह से ही दाल की कीमत बढ़ रही है।

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धान की पूरी खरीदी इस बार राज्य सरकार ने कर ली है। बोनस मिलने की वजह से सभी किसानों ने धान सरकार को ही बेचा है। खुले बाजार में धान नहीं है। इसकी वजह से ही चावल की कीमत बढ़ रही है। ​फिलहाल यह तेजी बरकरार रहेगी।

योगेश अग्रवाल, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन

राशन दुकानों में बीपीएल परिवारों को फ्री चावल दिया जा रहा है। एपीएल परिवारों को 10 रुपए किलो में चावल दिया जा रहा है। खुले बाजार में चावल की कीमत न बढ़े इसकी भी निगरानी की जाती है। डिमांड-सप्लाई के उतार-चढ़ाव की वजह से ही चावल की कीमत बढ़ती है।

-जितेंद्र शुक्ला, डायरेक्टर छत्तीसगढ़, खाद्य संचालनालय

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