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छत्तीसगढ़

इसकी मां एचआईवी पॉजिटिव है: आंबेडकर अस्पताल में मानवता शर्मशार, मासूम के सीने के पास चस्पा कर दी तख्ती

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में से एक माने जाने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में एक नवजात बच्चे के साथ अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए व्यवहार किया गया है। जिंदगी और मौत से जूझ रहे इस मासूम को अस्पताल के नर्सरी वार्ड में उपचार के लिए भर्ती तो किया गया है, लेकिन इसके सीने के पास एक बड़ा सा बोर्ड चस्पा कर दिया गया है कि इसकी मां एचआईवी पॉजिटिव है।

अंग्रेजी भाषा में दर्शाए गए बोर्ड में बड़े बड़े अक्षरों में एचआईवी पॉजिटिव मदर लिख दिया गया है, जिससे आसपास से गुजरने वाले और अन्य लोगों को यह आसानी से पता चल जाए कि यह वह बच्चा है, जिसकी मां एचआईवी से संक्रमित है। राजधानी रायपुर से महज कुछ किलोमीटर दूर स्थित तिल्दा क्षेत्र में रहने वाली 26 वर्षीय महिला को 4 अक्टूबर को प्रसव पीड़ा होने के बाद आंबेडकर अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग के वार्ड में भर्ती कराया गया।

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महिला विगत कुछ समय से एचआईवी से संक्रमित है। महिला के पति ने बताया कि देर शाम उसकी पत्नी ने एक बालक को जन्म दिया। इस दौरान चिकित्सकों ने पाया कि बच्चे की सेहत ठीक नहीं है और वह कमजोर है, इसलिए उसे अस्पताल के अन्य यूनिट में भर्ती कर लिया गया। वहीं, बच्चे की सेहत में कुछ सुधार होने के बाद 6 अक्टूबर को उसे नर्सरी में शिफ्ट कर दिया गया।

बच्चे के सीने के पास दिखी बड़ी सी तख्ती
मासूम के पिता ने बताया कि नर्सरी में शिफ्ट करने के बाद कुछ दिनों तक जब बच्चे से मिलने नहीं दिया जा रहा था, तब वह गुरुवार को अपने बच्चे को देखने के लिए पहुंचा। इस दौरान उसने देखा कि बच्चे के सीने के बाद एक बड़ी सी तख्ती अस्पताल वालों ने लगा रखी है। जिसमें बड़े बड़े अक्षरों में एचआईवी पॉजिटिव मदर लिखा हुआ है।

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सर्कुलर जारी करेंगे पहचान सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए
एड्स नियंत्रण समिति के अतिरिक्त परियोजना संचालक डॉ. खेमराज सोनवानी ने बताया कि, किसी भी संक्रमित व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए। इसे लेकर एक नोटिस देने के साथ ही साथ पूरे प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों को सर्कुलर जारी करेंगे। इस विषय पर मेरी संबंधित विभाग के चिकित्साधिकारी से बात हुई है, उनका कहना है कि समस्या का निराकरण कर दिया गया है।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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