Advertisment
Uncategorized

उत्तरप्रदेश में योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश: इस शहर में 2 महीने शराब मांस की बिक्री पर रोक, जानें क्यों लिया फैसला

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

प्रयागराज। अगले साल 2025 में महाकुंभ का भव्य आयोजन होने वाला है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए जुटेंगे। इसे सफल और पवित्र बनाने के उद्देश्य से यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों का जायजा लिया और कई अहम निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि महाकुंभ के पूरे दो महीने तक प्रयागराज में मांस और शराब  की बिक्री पूरी तरह से बंद रहेगी, ताकि धार्मिक वातावरण बना रहे। महाकुंभ का पहला शाही स्नान 14 जनवरी, मकर संक्रांति के दिन होगा, जबकि अंतिम शाही स्नान 26 फरवरी, महाशिवरात्रि के दिन संपन्न होगा।

योगी सरकार ने महाकुंभको देखते हुए शराब और मांस की बिक्री पर बैन लगाने के निर्देश दिए हैं।

इसे भी पढ़ें:  NEET-UG 2024: 'कोई पेपर लीक नहीं हुआ'... मल्लिकार्जुन खड़गे क्यों भड़क उठे

गंगा युमना होना चाहिए स्वच्छ-सीएम 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह आश्वासन दिया कि महाकुंभ 2025 से पहले गंगा और यमुना नदियों को पूरी तरह से स्वच्छ और निर्मल बना दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बिजनौर से लेकर बलिया  तक गंगा नदी को “जीरो डिस्चार्ज ज़ोन” घोषित किया जाए, जिसका मतलब है कि इस पूरे क्षेत्र में गंगा नदी में कोई भी औद्योगिक कचरा या सीवेज का पानी नहीं छोड़ा जाएगा।

इसके लिए राज्य सरकार ने कई स्तरों पर सख्त कदम उठाने की योजना बनाई है, ताकि नदी के जल की शुद्धता बनी रहे और श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सके।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाएगी और प्रदूषण फैलाने वाले सभी कारखानों और सीवेज के निकासों की कड़ी निगरानी की जाएगी।

इसे भी पढ़ें:  ब्राजील में यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त, विमान में सवार सभी 62 लोगों की मौत…

उन्होंने इस दिशा में आम जनता से भी सहयोग की अपील की, ताकि (शराब मांस बिक्री पर प्रतिबंध) आने वाले महाकुंभ के दौरान गंगा और यमुना का पवित्र जल श्रद्धालुओं के स्नान और पूजा के लिए पूरी तरह से निर्मल और शुद्ध हो

महाकुंभ मेला का बढ़ेगा क्षेत्र

महाकुंभ 2025 के लिए मेला क्षेत्र का विस्तार करते हुए इसे 4000  हेक्टेयर में संचालित किया जाएगा, जबकि 2019 में इसका क्षेत्रफल 3200 हेक्टेयर था। हाल ही में सीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। बैठक में सीएम ने साधु-संतों को आश्वासन दिया कि प्रयागराज में उनकी समाधि के लिए शीघ्र ही भूमि आरक्षित की जाएगी।

इसे भी पढ़ें:  जांजगीर-चाम्पा: कलेक्टर ने किसान को माला पहनाकर, मिठाई खिलाकर किया धान खरीदी के महापर्व का शुभारंभ

इसके साथ ही, उन्होंने सभी साधु-संतों से  अनुरोध किया कि वे अपने आश्रमों में किसी भी व्यक्ति को तब तक ठहरने की अनुमति न दें जब तक कि उसकी पृष्ठभूमि की जांच और सत्यापन न हो जाए।

महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य (liquor and meat sale banned) से मेला क्षेत्र में 3 पुलिस लाइन, 3 महिला थाने और 10 पुलिस चौकियों की स्थापना की जाएगी, ताकि मेले के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles