टैटू बनवाने से 40 लोग HIV पॉजिटिव:स्टाइलिश और कूल दिखना पड़ सकता है भारी, टैटू बनवाते हुए रहें सावधान
आज के मॉर्डन दौर में टैटू का क्रेज अपने चरम पर है। स्टाइलिश और कूल दिखने के लिए शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर टैटू बनवाना युवा पीढ़ी के लिए फैशन बन गया है।
कोई किसी चाहने वाले का नाम लिखवा रहा है तो कोई कुछ और। भारत में टैटू की दीवानगी नई नहीं है। इसका इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। पहले इसे गुदना या गोदना कहा जाता था। प्राचीन भारतीय परंपरा में टैटू अलग-अलग जनजातियों की निशानी हुआ करती थी। वैसे तो आप अपनी इच्छा और बजट के मुताबिक कोई भी टैटू बनवा सकते हैं। लेकिन अगर आप सस्ते के चक्कर में किसी चौक-चौराहे या मेले में टैटू बनवाने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि ऐसे टैटू बनवाना खतरनाक भी हो सकता है।
हाल ही में उत्तरप्रदेश के पूर्वांचल के 10 जिलों में 40 लोग ऐसे मिले हैं, जो टैटू बनवाने के बाद HIV संक्रमित हो गए। इसमें 26 ऐसे लोग थे, जिन्होंने सड़क किनारे टैटू बनाने वाले आर्टिस्ट से टैटू बनवाया था।
डॉ. शीना कपूर बताती हैं कि जब लोग किसी सड़क छाप आर्टिस्ट से टैटू बनवाते हैं तो वह आमतौर पर एक ही सुई से कई लोगों के शरीर पर टैटू बनाते हैं। जब यह सुई अलग-अलग लोगों के शरीर में जाती है तो HIV से संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है। सिर्फ HIV ही नहीं ऐसा कोई भी संक्रमण हो सकता है, जो खून से फैलता है।



