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छत्तीसगढ़

युवक की मौत से भड़की हिंसा : ग्रामीणों ने थाने के बाहर किया पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल, मजिस्ट्रियल जांच के आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन

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सूरजपुर। सूरजपुर जिले के जयनगर थाना क्षेत्र में पुलिस की जुआ छापेमारी एक बड़ी घटना में बदल गई। जुआं खेलते लोगों पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस की रेड के दौरान एक युवक की कुएं में गिरने से मौत हो गई। इसके बाद क्षेत्र में माहौल बिगड़ गया और देर रात बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने के बाहर जमा हो गए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और भीड़ ने थाने के बाहर आगजनी और पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। दीपावली से पहले हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया।

रात भर चला हंगामा, उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन

रात में बिगड़ी लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को जैसे-तैसे कम पुलिस बल के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो ने मोर्चा संभाल कर लगभग 2:00 बजे नियंत्रित कर लिया, लेकिन पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि पुलिस रात में कुएं में पड़े युवक के शव को बाहर नहीं निकाल सकी और सुबह बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर युवक के शव को बाहर निकाला। लेकिन युवक के शव को बाहर निकालना भी पुलिस के लिए आसान नहीं रहा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों के साथ बैठक कर उन्हें समझाया, लेकिन मृतक के परिजन दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। इस वजह से कड़े विरोध के बीच मृतक का शव कुएं से बाहर निकाला जा सका। जिसके बाद परिजन शव को लेकर नेशनल हाईवे जाम करते हुए धरने पर बैठ गए। कई घंटे तक परिजन सहित ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा और नेशनल हाईवे पर आवागमन बाधित रहा।

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एडीएम की अध्यक्षता में होगी मजिस्ट्रियल जांच – एसडीएम

वहीं प्रशासन की ओर से एसडीएम शिवानी जायसवाल ने परिजनों से बात कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर इस पूरे मामले की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश निकाल रहे हैं। जांच टीम पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच करेगी और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों का प्रदर्शन समाप्त हुआ। मृतक का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है।

राजनीतिक रंग भी चढ़ा विवाद पर

मामले ने पूरे क्षेत्र में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को चरमरा दिया। वहीं सुबह होते ही इस मुद्दे को राजनीतिक रंग चढ़ने लगा। एक तरफ जहां कांग्रेस के पूर्व विधायक पारसनाथ राजवाड़े अपने समर्थकों के साथ थाने के बाहर पहुंचे और अपना समर्थन देते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।

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वहीं दूसरी ओर प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए और कहा कि जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई जरूर होगी।

10 घंटे बाद खत्म हुआ आंदोलन

बरहाल 10 घंटे से ज्यादा समय चले इस आंदोलन में एसडीएम शिवानी जायसवाल की पहल पर मृतक के परिजन मान गए। एसडीएम ने बताया कि कलेक्टर एस. जयवर्धन द्वारा मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देते हुए टीम का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की बारीकी से जांच करेगी। बरहाल राहत की बात यह रही कि लंबे समय बाद ही सही, ग्रामीण दोनों पार्टियों के नेताओं और एसडीएम की पहल पर आंदोलन समाप्त करने के लिए तैयार हो गए और उन्होंने अपना धरना-प्रदर्शन खत्म किया, जिसके बाद पुलिस विभाग सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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