
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है, जो केवल हवाई जहाज में ही चोरी करता था. चोरी करने के लिए उसने बीते 1 साल के अंदर 110 दिनों तक 200 फ्लाइट में सफर किया. पुलिस के मुताबिक, पहले आरोपी ट्रेनों में गहने चोरी करता था ,लेकिन उसने खुद को अपग्रेड किया और फिर एयरोप्लेन में चोरियां करने लगा. चोर ने चोरी से इतना माल जुटाया कि उसने एक होटल तक खरीद लिया. पुलिस के मुताबिक इस शख्स ने चोरी के मकसद से एक दिन में 3-4 हवाई यात्रा की.
चोरी की एक जीरो एफआईआर हैदराबाद पुलिस से मिली थी. इसमें शिकायतकर्ता हैदराबाद की रहने वाली एक महिला सुधारानी पथुरी ने बताया की 11 अप्रैल 2024 को उसने एयर इंडिया की फ्लाइट से हैदराबाद से आईजीआई एयरपोर्ट तक की यात्रा की थी. उसे नई दिल्ली से यूएसए के लिए फ्लाइट लेनी थी. इस यात्रा के दौरान उसके हैंडबैग में रखे करीब 7 लाख के गहने किसी ने चोरी कर लिए. इसी तरह एक और शिकायतकर्ता अमेरिका के रहने वाले वरिंदरजीत सिंह ने आरोप लगाया था कि 22 फरवरी 2024 को उन्होंने अमृतसर से आईजीआई एयरपोर्ट तक हवाई यात्रा की थी. उन्हे आगे फ्रैंकफर्ट जाना था. यात्रा के दौरान उनके केबिन बैग से 20 लाख रुपये के गहने चोरी हो गए.
सीसीटीवी फुटेज में दिखा
मामले की जांच के दौरान एयर इंडिया के अधिकारियों की मदद से आईजीआई एयरपोर्ट, अमृतसर एयरपोर्ट और हैदराबाद एयरपोर्ट के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई. सैकड़ों कैमरों के वीडियो फुटेज की जांच के बाद एक संदिग्ध को शॉर्टलिस्ट किया गया. यह संदिग्ध उन दोनों फ्लाइट में देखा गया, जिनमें चोरी की घटनाएं हुईं थीं. संदिग्ध यात्री का फोन नंबर संबंधित एयरलाइंस से लिया गया. हालांकि, उसने एयरलाइंस को धोखा देने के लिए बुकिंग के समय ही एक नकली नंबर दर्ज कराया था और ये नंबर किसी और के नाम से रजिस्टर्ड था.
ऐसे आया पकड़ में
जांच के बाद संदिग्ध का असली नंबर मिला और पता चला की संदिग्ध पहाड़गंज इलाके में रहता है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संदिग्ध की तस्वीर मिली और इसे पहाड़गंज के आसपास के इलाकों में लोगों को दिखाया गया. आरोपी पहाड़गंज में रिकी डिलक्स नाम के एक गेस्ट हाउस में सबसे ऊपरी मंजिल पर रह रहा था. यह भी पता चला कि वही इस गेस्टहाउस का मालिक है. इसके बाद आरोपी को पकड़ लिया गया. आरोपी की पहचान 40 साल के राजेश कपूर के तौर पर हुई. आरोपी से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने खुलासा किया कि वह फ्लाइट में हैंडबैग ले जाने वाली बुजुर्ग महिला यात्रियों को निशाना बनाता था. कई मौकों पर विमान में टारगेट को देखने के बाद एयरलाइंस से अपनी सीट भी बदलवा लेता था और उनके बगल में बैठ जाता था.
पहचान छिपाने के लिए कई बार राजेश कपूर ने एक प्लानिंग के तहत अपने मृत भाई ऋषि कपूर के नाम से टिकट बुक की. आरोपी के पास भारी मात्रा में सोने और चांदी के गहनों के अलावा 660 छोटे-छोटे हीरे बरामद हुए हैं.



