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राजनीति

राहुल गांधी ने जिस सीट पर दिए ‘वोट चोरी’ के सबूत वहां कभी नहीं जीती कांग्रेस, आरोप के पीछे कहीं ये वजह तो नहीं

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सबूतों के साथ चुनाव आयोग और बीजेपी पर ‘वोट चोरी’ करने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े भी रखे जिसके जरिए उन्होंने दावा किया कि किस तरह से वहां पर चुनाव में हेराफेरी की गई. खास बात यह है कि जिस क्षेत्र का जिक्र कांग्रेस नेता ने किया वहां पर उसे अभी तक जीत भी नसीब नहीं हुई है.

चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के बाद राहुल गांधी आज शुक्रवार को बेंगलुरु जाएंगे और वहां पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान वे चुनाव में धोखाधड़ी को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधेंगे. कांग्रेस की कोशिश बिहार में चुनाव से पहले केंद्र में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बेनकाब करने की होगी.

शुरुआती दौर में कांग्रेस ने बनाई थी बढ़त

राहुल गांधी ने जिस महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का जिक्र किया वो बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट के तहत आता है. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में लोकसभा की 3 सीटें आती हैं जिसमें बेंगलुरु सेंट्रल सीट भी शामिल है. पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला था. चुनाव के दौरान इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मंसूर अली खान ने बीजेपी के प्रत्याशी और 3 बार के मौजूदा सांसद पीसी मोहन को कड़ी टक्कर दी. मोहन इस सीट से 2009 से ही लगातार चुनाव जीतते आ रहे थे. लेकिन इस बार मुकाबला बेहद कड़ा हो गया था.

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लोकसभा चुनाव 2024 में 4 जून को मतगणना कराई गई. मतगणना से पहले वहां पर सियासी हलके में यह कहा जा रहा था कि वर्तमान सांसद मोहन को चुनाव जीतने के लिए पसीना बहाना पड़ सकता है और जीत कांग्रेस के खाते में जा सकती है. कांटे की टक्कर में शुरुआती दौर में कांग्रेस प्रत्याशी खान आगे निकल भी गए थे.

80 हजार वोटों के बढ़त के बाद मिली हार

मतगणना जारी थी, शुरुआती दौर की गिनती के बाद मंसूर खान को 80 हजार से अधिक वोटों की बढ़त हासिल हो गई थी. पार्टी के अंदर जीत को लेकर जश्न का माहौल बन गया था, लेकिन दोपहर के 3 बजे तक रुझान बदलने लगा. वहीं चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मंसूर खान को बढ़त दिखाया जा रहा था. थोड़ी देर बाद बीजेपी प्रत्याशी मोहन ने आत्मविश्वास के साथ अपनी जीत का ऐलान किया, साथ ही कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर नतीजे अपलोड होने में देरी हो रही है, लेकिन वे चुनाव जीत गए हैं.

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साथ ही मोहन ने बताया कि उन्हें चामराजपेट और शिवाजीनगर विधानसभा क्षेत्रों पर कड़ी टक्कर मिली (इन दोनों ही सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है और 2023 के चुनाव में उन्हें जीत मिली थी) और महादेवपुरा, सीवी रमन नगर तथा गांधीनगर के वोटर्स ने उन्हें जीत दिलाने में मदद की. सीवी रमन नगर और महादेवपुरा विधानसभा सीट पर बीजेपी को जीत मिली थी. लेकिन गांधीनगर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी दिनेश गुंडू राव विधायक बने और वह मंत्री भी बनाए गए.

लोकसभा चुनाव में तीसरे नंबर पर रहा NOTA

चुनाव आयोग ने जब अंतिम परिणाम जारी किया तो मोहन चुनाव जीत गए थे. कड़े मुकाबले में मोहन को 6,58,915 वोट मिले, जबकि मंसूर खान के खाते में 6,26,208 वोट आए थे और इस तरह से हार-जीत का अंतर 32,707 वोटों का ही रहा. हालत यह रही कि इस सीट पर 24 प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई थी, लेकिनNOTA चुनाव में तीसरे स्थान पर रहा और उसे कुल 12,126 वोट मिले थे. लगातार 4 चुनाव जीतने वाले मोहन की यह सबसे कम अंतर वाली जीत रही.

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जीत की ओर बढ़ रही कांग्रेस बेंगलुरु सेंट्रल सीट पर मिली हार को पचा नहीं पाई. इस परिणाम पर उसे विश्वास नहीं हुआ. पार्टी नेताओं ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए. फिर कांग्रेस की इंटरनल टीम ‘वोट चोरी’ को लेकर आंकड़े जुटाने के मुहिम में लग गई. राहुल पहले भी ‘वोट चोरी’ को लेकर हमले करते रहे हैं. उन्होंने एक बार संसद के बाहर कहा था, “हमने कर्नाटक के एक लोकसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट की पड़ताल की है, जहां ‘वोट चोरी’ के 100 फीसदी सबूत मिले हैं. तब वो महादेवपुरा का ही जिक्र कर रहे थे.

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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