
रायपुर शालीमार कुर्ला और मुंबई हावड़ा एक्सप्रेस के एसी कोच में रविवार तड़के चोरी की वजह से यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। यात्रियों ने रायपुर रेलवे स्टेशन में ट्रेन भी रोक दी। यात्री इस बात से नाराज थे कि सुरक्षा नहीं होने की वजह से चोरी हो गई। जिन यात्रियों के सामान चोरी हुए उन्होंने रायपुर जीआरपी थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई। चोरी की वारदात से नाराज यात्रियों ने रायपुर रेलवे स्टेशन में 10 मिनट तक ट्रेन भी रोक दी। अफसरों की समझाइश के बाद वे माने। इसके बाद ट्रेनों को रवाना किया गया।
शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस में एक व्यापारी, डॉक्टर और मुंबई हावड़ा मेल में महिला का बैग चोरी हो गया। दोनों ट्रेन के एसी कोच से एक साथ चार सूटकेस चोरी हो गए। तीन सूटकेस में कुल 11 लाख रुपए कैश थे। रविवार की सुबह यात्रियों की जब आंख खुली तब उन्हें चोरी का पता चला।
उस समय ट्रेन बिलासपुर से निकल चुकी थी। यात्रियों ने देखा कि उनके सूटकेस गायब हैं। ट्रेन के रायपुर स्टेशन पहुंचते ही यात्रियों ने जीआरपी में एफआईआर कराई। रायपुर और दुर्ग जीआरपी ने भी अपराध दर्ज कर बिलासपुर पुलिस को मामले के जांच की जिम्मेदारी दी है। फिलहाल अभी तक चोरों का कोई पता नहीं चला है।
रेलवे पुलिस अफसरों का दावा है कि झारसुगड़ा और राजगामपुर गिरोह ने ही एसी कोच से सूटकेस पार किए हैं। ट्रेन से चोरी करने का इनका अलग ही तरीका है। एसी कोच से सूटकेस चोरी करने के बाद गैंग के लोग उसका ताला तोड़कर उसके अंदर रखे जेवर और कैश निकालकर दूसरे ट्रेन में सवार अपने साथी को दे देते हैं।
इससे किसी को भी उन पर शक नहीं होता है। पिछले कुछ महीनों से इनकी गतिविधियां बंद थीं, लेकिन अब यह गैंग फिर सक्रिय हो गया है। जीआरपी थाना प्रभारी एलएस राजपूत ने बताया कि चोरी की एफआईआर दर्ज होते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। घटना के बाद से ही जीआरपी झारसुगड़ा, चांपा, बिलासपुर और रायगढ़ स्टेशन में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाली जा रही है।



