
‘गवर्नर बनवा दूंगा’ बोला और ठग लिए 5 करोड़…, महाराष्ट्र में ठगी के इस नए तरीके को सुनकर पुलिस भी रह गई सन्न
नासिक : महाराष्ट्र के नासिक से ठगी का एक अनोखा और सन्न करने वाला मामला सामने आया है। यहां आरोपी ने गवर्नर बनाने का झांसा देकर 5 करोड़ रुपये ठग लिए। महाराष्ट्र पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महाराष्ट्र के नासिक का रहने वाले आरोपी निरंजन कुलकर्णी ने तमिलनाडु के चेन्नई के रहने वाले वैज्ञानिक नरसिम्हा रेड्डी दामोदर रेड्डी को राज्यपाल का पद दिलाने का वादा करके 5 करोड़ रुपये की ठगी की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि कुलकर्णी ने इस काम के लिए 15 करोड़ रुपये का ‘सेवा शुल्क’ मांगा था।
पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि उसने तमिलनाडु के एक निवासी को किसी राज्य का राज्यपाल बनाने का वादा कर उससे पांच करोड़ रुपये ठगे हैं। अधिकारी के मुताबिक, आरोपी निरंजन कुलकर्णी ने 12 जनवरी को एक होटल में चेन्नई के रहने वाले नरसिम्हा रेड्डी दामोदर रेड्डी अपूरी से मुलाकात की थी। उसने दावा किया था कि उसके पास बड़ा सियासी संपर्क हैं, जिससे उसे राज्यपाल बनवा सकता है।
अधिकारी ने बताया, “कुलकर्णी ने सर्विस चार्ज के रूप में 15 करोड़ रुपये मांगे। 7 फरवरी को कुलकर्णी ने रेड्डी से मुलाकात की और वादा किया कि अगर उन्हें राज्यपाल बनाने का वादा पूरा नहीं किया गया, तो वे अपनी जमीन रेड्डी को सौंप देंगे। आरोपी ने पेंच और बोर बाघ अभयारण्यों के पास 100 एकड़ जमीन के जाली दस्तावेज दिखाए। अधिकारी ने बताया, “प्रस्ताव से सहमत होकर रेड्डी ने उसे 60 लाख रुपये कैश दिए और 7 फरवरी से 2 अप्रैल के बीच उसके बैंक अकाउंट में 4.48 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
नरसिम्हा रेड्डी ने आरोप लगाया कि उन्होंने 7 फरवरी से 2 अप्रैल 2024 के बीच कुलकर्णी को कुल 5 करोड़ 8 लाख 99 हजार 876 रुपये का भुगतान किया। इस राशि में से 60 लाख नकद दिए गए, जबकि शेष राशि नरसिम्हा रेड्डी और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों से कुलकर्णी के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई।
पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी
जब रेड्डी को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, तो उसने अपने पैसे वापस मांगे लेकिन संदिग्ध ने पैसे वापस करने से इनकार कर दिया और शिकायत में कहा गया कि उसने रेड्डी को फोन पर जान से मारने की धमकी भी दी। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले के दर्ज होने के बाद, शहर की पुलिस पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की गई। फिर भी पुलिस ने पूरी गोपनीयता बरती और संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया, रविवार यानी 8 दिसंबर को उसे अदालत में पेश किया गया। इसके बाद, मुंबई नाका पुलिस ने मामले का विवरण उजागर किया।



