
छत्तीसगढ़ के कई शहरों में उठाईगिरी और चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले ओडिशा गैंग के 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने मजदूरी करने के बहाने किराए पर मकान लिया था। जिसके बाद रेकी कर सराफा कारोबारी के 15 लाख के गहनों से भरा बैग पार कर दिया था। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।
एसपी रजनेश सिंह ने बताया कि, इमलीपारा निवासी जवाहर सोनी की अशोक नगर सरकंडा में मां भवानी ज्वेलर्स नाम से सोने-चांदी के जेवरों की दुकान है। बुधवार को दोपहर वो दुकान खोलने के लिए पहुंचे। तब शटर और दुकान के सामने गंदगी देखकर उन्होंने गहनों से भरे बैग को बाइक की टंकी में रख दिया और दुकान के सामने सफाई करने लगे।
इसी दौरान बाइक सवार युवक उनका बैग लेकर भाग निकले। उठाईगिरी की सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद लुटेरों की जानकारी जुटाकर सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई।

बाहरी गैंग सक्रिय होने की थी आशंका
जिस तरीके वारदात हुई, इससे पुलिस को पहले से शक था कि उठाईगिरी की घटना में बाहरी गैंग के लोग शामिल हो सकते हैं। इस तरह की घटना पहले भी बैंक और भीड़भाड़ वाली जगहों पर कपड़ों में गंदगी लगाकर उठाईगिरी का मामला सामने आया था। नट और कंजर गिरोह यह तरीका अपना कर लोगों को शिकार बनाते हैं।
इसी संदेह के आधार पर आसपास में रहने वाले बाहर से आए लोगों की जांच शुरू की गई। साथ ही जिले के सभी थाना क्षेत्र में घटना की सूचना देकर संदेहियों की धरपकड़ करने के निर्देश दिए गए।
एक सप्ताह पहले किराए पर लिया मकान, फिर रेकी की
ओडिशा के जाजपुर और गंजाम जिले के निवासी युवक एक सप्ताह पहले ही शहर पहुंचे थे। युवकों ने सिरगिट्टी के आवासपारा में 2500 रुपए महीने में किराए पर मकान लिया था। उन्होंने मकान मालिक को मजदूरी करने की जानकारी दी थी। यहां पर रहकर युवक शहर में उठाईगिरी करने के लिए रेकी करते रहे।
चार दिन रेकी के बाद दो दिन पहले ही युवकों ने अशोक नगर स्थित ज्वेलरी दुकान को चुना। इसके बाद उन्होंने उठाईगिरी का प्लान बनाकर घटना को अंजाम दिया। घटना को अंजाम देने के बाद युवक सिरगिट्टी स्थित किराए के मकान में जाकर छुप गए।

300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से मिला सुराग
एसपी रजनेश सिंह ने बताया कि, उठाईगिरी करने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग 15 टीमें बनाई गई। उन्हें अलग-अलग टॉस्क दिया गया। इस दौरान शहर के कई इलाके से 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। इसी आधार पर भाग रहे युवकों की पहचान की कोशिश की जाने लगी।
जांच के दौरान पुलिस ने बदमाशों की बाइक की भी पहचान कर ली। इसके बाद पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश कर रही थी। आखिरकार ओडिशा पासिंग की बाइक के जरिए पुलिस की टीम रात करीब आठ बजे बदमाशों के ठिकाने तक पहुंची और आरोपियों को पकड़कर चोरी के गहनों को बरामद कर लिया।
ओडिशा गैंग के पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने मामले में शामिल ओडिशा के जाजपुर जिले के कलिंगनगर थाना क्षेत्र के दोसमिनिया निवासी दीपक प्रधान (26), अर्जुन प्रधान (23), गंजाम जिले के कोलईचका के शाहपुर डुकनी निवासी आर्यन उर्फ महेश प्रधान (23) और कलिंगनगर के दोसमनिया निवासी भोला प्रधान (24) को गिरफ्तार किया है।

ध्यान भटकाने के लिए बिस्किट घोलकर फेंका
एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि, उठाईगिरी करने वाले गिरोह अलग-अलग जगहों पर ध्यान भटकाने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। गिरोह के सदस्यों ने बिस्किट को घोलकर दुकान के सामने फेंक दिया था। जिसे गंदगी समझकर दुकानदार सफाई करने भीड़ गया। तभी गिरोह के सदस्य गहनों से भरे बैग लेकर भाग निकले।
इस तरह कई बार वे कपड़ों पर गंदगी लगाकर ध्यान भटकाते हैं। ऐसी स्थिति आने पर आसपास से मदद करने आए अनजान लोगों पर भरोसा ना करें। ऐसे लोग उठाईगिरी करने वालों के साथी हो सकते हैं। तत्काल वहां के स्थानीय दुकानदारों की मदद लें। अपने कीमती सामान स्थानीय दुकान संचालक की देखरेख में छोड़ें।
पुलिस की टीम को मिलेगा इनाम
एसपी रजनेश सिंह ने कहा कि, गिरोह को पकड़ने के लिए टीम ने तत्परता से काम किया है। इसके लिए उन्हें इनाम दिया जाएगा। इस टीम में एएसपी सिटी उमेश कश्यप, एसीसीयू के प्रभारी एएसपी अनुज कुमार, सरकंडा सीएसपी सिद्धार्थ बघेल, एसीसीयू के प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा।
एसआई अजहररूद्दीन, प्रभाकर तिवारी, प्रधान आरक्षक देवमुन सिंह पुहुप, आतिश पारिक, शोभित कैवर्त, आरक्षक तरूण केशरवानी, मुकेश वर्मा, विकास राम, तदबीर पोर्ते, विरेन्द्र गंधर्व, सत्य पाटले, राघवेन्द्र साहू, नवीन एक्का, बोधूराम कुम्हार, निखिल राव जाधव, संजय यादव, प्रशांत शामिल रहे।



