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पीएम मोदी ने किया सोनमर्ग टनल का उद्घाटन, श्रीनगर-लेह को जोड़ने वाली Z-Morh टनल का हुआ लोकार्पण

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने सोनमर्ग टनल का उद्घाटन कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर के गांदरबल पहुंचे हैं। यहां पर उन्होंने Z-Morh टनल का उद्घाटन किया। इस दौरान, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, एलजी मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे।

 ‘जन्नत’ में बनकर तैयार हुए इस 12 किमी सोनमर्ग टनल के निर्माण में 2700 करोड़ रुपये की लागत आई है। सोनमर्ग और गगनगीर को जोड़ने वाली यह टनल 8,650 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसमें आपातकालीन स्थिति के लिए 7.5 मीटर चौड़ा समानांतर मार्ग है। ये टनल लद्दाख को पूरे साल सड़क मार्ग से जोड़ने के साथ-साथ देश की रक्षा जरूरतों और क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभाएगी।

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श्रीनगर-लेह हाइवे पर गगनगीर से सोनमर्ग के बीच पहले 1 घंटे से ज्यादा समय लगता था। इस टनल के कारण अब यह दूरी 15 मिनट में पूरी हो सकेगी। इसके अलावा गाड़ियों की स्पीड भी 30 किमी/घंटा से बढ़कर 70 किमी/घंटा हो जाएगी। दुर्गम पहाड़ी वाले इस इलाके को क्रॉस करने में पहले 3 से 4 घंटे का समय लगता था। अब यह दूरी मात्र 45 मिनट में पूरी होगी।

गेम चेंजर साबित होगी टनल

नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) ने इस टनल को इंजीनियरिंग का चमत्कार और क्षेत्र के लिए गेम चेंजर बताया है। साथ ही कहा कि यह परियोजना न केवल यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाएगी, बल्कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच सामाजिक व आर्थिक विकास को भी गति देगी। Z-Morh टनल के साथ ज़ोजिला टनल का काम 2028 तक पूरा होगा। इससे लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बीच जुड़ाव और विकास को नई दिशा मिलेगी।

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NATM तकनीक से बनी टनल, इससे पहाड़ दरकने या एवलांच का खतरा नहीं

यह टनल न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से बनी है। इस प्रोसेस में टनल खोदने के साथ-साथ ही उसका मलबा भी निकाला जाता है। जैसे-जैसे मलबा निकालकर अंदर की ओर रास्ता बनता है, वैसे-वैसे ही टनल वॉल भी तैयार की जाती है। इससे पहाड़ों के दरकने का खतरा खत्म हो जाता है।NATM तकनीक में टनल का काम शुरू होने से पहले पहाड़, उसके आस-पास की जलवायु, मिट्टी की जांच की जाती है। अनुमान लगाया जाता है कि टनल प्रोसेस में एक समय में कितनी मशीनरी और कितने लोग अंदर काम कर सकेंगे, जिससे पहाड़ के बेस को नुकसान न पहुंचे और हादसा की स्थिति पैदा न हो।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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