Advertisment
महाकुंभ 2025

मकर संक्रांति पर महाकुंभ में 2.50 करोड़ लोगों ने किया ‘अमृत स्नान’, आस्था की डुबकी लगाकर जमकर लगाए जयकारे

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

प्रयागराज. मकर संक्रांति यानी आज से महाकुंभ 2025 का शाही स्नान शुरू हो गया है. महाकुंभ के पहले दिन 1 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया था. वहीं मकर संक्रांति के दिन यानी आज 3 बजे तक 2.50 करोड़ लोगों ने शाही स्नान किया. इस दौरान महाकुंभ क्षेत्र का नजारा देखने वाला था. जहां सभी जयकारे लगाते हुए स्नान करते दिखे.

2.50 करोड़ लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी

पंचायती निर्वाणी अखाड़े के संतों ने सुबह 6.15 बजे अमृत स्नान किया. श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा और श्री पंचायती अखाड़ा आनन्द सुबह 7.05 बजे, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा श्री पंचाग्नि अखाड़ा और श्रीपंचदशनाम आवाहन अखाड़ा सुबह 8 बजे अमृत स्नान किया. इस दौरारन हाथों में तलवार, त्रिशूल और डमरू लेकर हजारों नागा साधु जब स्नान के लिए निकले तो घाट पर मौजूद लाखों श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और हर-हर महादेव के नारे लगाए. महाकुम्भ के प्रथम अमृत स्नान के पावन अवसर पर लाखों साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ पवित्र संगम में स्नान किया. आज दोपहर 3 बजे तक संगम में 2.50 करोड़ लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई. महाकुंभ के पहले ही दिन एक करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया. इसी क्रम में आज दूसरे दिन अखाड़ों के द्वारा अमृत स्नान किया गया.

इसे भी पढ़ें:  कौन हैं साध्वी हर्षा ? जिसने महाकुंभ में मचाई सनसनी, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले VIDEO को लेकर कही चौंकाने वाली बात

ये दुनिया का महान तीर्थ

इस मौके पर महामंडलेश्वर शिव स्वरूपा आनंद सरस्वती महाराज ने कहा, विश्व में महाकुंभ जैसा दूसरा कोई पर्व नहीं हैं. विश्व के लिए शांति के लिए सनातन धर्म बहुत जरूरी है. हमारा भारत महान है. हमारी संस्कृति हमारा देश हमारे सनातन धर्म का सबसे बड़ा तीर्थ प्रयागराज संगम पर आज जो मकर संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है, ये दुनिया का महान तीर्थ है. प्रयागराज में त्रिवेणी संगम आस्था के महासागर का साक्षी बना. महाकुंभ में श्री पंचायती महानिर्वाणी, शंभू पंचायती अटल, निरंजनी, आनंद, जूना, पंच दशनाम आवाहन, और श्री पंचाग्नि अखाड़े का अमृत स्नान संपन्न हुआ. यह आयोजन भक्ति, परंपरा और आध्यात्मिकता का अद्भुत महासंगम रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई.

इसे भी पढ़ें:  कड़ी सुरक्षा के बीच महाकुंभ से रवाना हुए 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, संगम में लगाई डुबकी

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles