
NDA ने सरकार बनाने का दावा पेश किया: राष्ट्रपति को सौंपा समर्थक पत्र; आडवाणी-जोशी से घर जाकर मिले PM मोदी
NDA ने शुक्रवार को सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। एनडीए के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को समर्थक सांसदों की सूची सौंप दी। इससे पहले संसद के सेंट्रल हॉल में पीएम मोदी को एनडीए के सभी सहयोगी दलों के नेता संसदीय नेता का चुना।इसके बाद पीएम मोदी लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से मिलने पहुंचे। पीएम मोदी ने बीजेपी के दोनों सीनियर नेताओं से आशीर्वाद लिया। इसके बाद पीएम मोदीपूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मिलने पहुंचे।
पीएम मोदी ने मुरली मनोहर जोशी से की मुलाकात
मुरली मनोहर जोशी 80 और 90 के दशक में बीजेपी के प्रमुख चेहरे में से एक थे। उस दौरान पीएम मोदी राजनीति में उभर ही रहे थे। ऐसे समय में पीएम नरेंद्र मोदी को मुरली मनोहर जोशी का मार्गदर्शन मिला था। यही वजह बताई जा रही है कि पीएम मोदी संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद बीजेपी के इस वरिष्ठ नेता से मिलने पहुंचे। बता दें कि आज से 30-32 साल पहले जब मोदी राजनीति में नए नए थे तो बीजेपी के कई बड़े अभियानों में वह मुरली मनोहर जोशी के साथ चलते थे।
11 दिसंबर 1991 को मुरली मनोहर जाेशी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक एकता यात्रा की थी। उस समय में मोदी मुरली मनोहर जोशी के पीछे-पीछे चलते थे। हाल ही में जब पीए मोदी कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल गए थे तो उनकी वर्षों पुरानी वह तस्वीर वायरल हुई थी।
लालकृष्ण आडवाणी के घर पहुंचे पीएम मोदी
राष्ट्रपति के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश होने के बाद पीएम मोदी भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी के घर पहुंचे। यहां पहुंच कर लालकृष्ण आडवाणी को पीएम मोदी ने फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। इसके बाद पीएम मोदी ने कुछ देर कर बैठक कर लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की। बता दें कि पीएम मोदी लालकृष्ण आडवाणी को अपना गुरु मानते हैं। पीएम मोदी को पहली बार गुजरात भेजने का फैसला लालकृष्ण आडवाणी ने ही लिया था। इसके साथ ही गुजरात का सीएम रहते जब भी मोदी अड़चनों में फंसे तो आडवाणी उनके बचाव में खड़े रहे थे।



