
छत्तीसगढ़ की सड़कों पर ओवर स्पीड ने मौत का तांडव मचा रखा है… सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सरकार इस तरह के मामलों को प्राथमिकता से ले रही है. ओवर स्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव, जैसे सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन कुछ जरूरी कदम उठा रही है. यहां तक की अब हाईवे पर भी वाहन तेज चलाने वाले लोगों पर दो किलोमीटर दूर से ही निगरानी रखी जाएगी. सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को पुलिस पकड़ने के लिए तैनात रहेगी.

खास वाहन के साथ बनाई गई खास टीम
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई के लिए बालौदा बाजार पुलिस को इंटरसेप्टर वाहन दी गई है. इसको पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने ट्रैफिक विभाग में तैनात कर दिया. डीएसपी अमृत कुजूर की नेतृत्व वाली ट्रैफिक टीम के प्रशिक्षित चार सदस्यों को भी इसमें तैनात किया गया है. यह टीम स्टेट हाईवे के साथ ही नेशनल हाईवे में अलग-अलग जगह पर तैनात रहकर ओवर स्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्यवाही करेगी.
प्रशिक्षित टीम तैनात
बलौदा बाजार में तैनात की गई इंटरसेप्टर वाहन में प्रधान आरक्षक अगस्त जीत ध्रुव, आरक्षक नीतेश देवांगन, प्रमोद माझरे और देवेंद्र पुरेना की तैनाती की गई है. टीम को पहले ही वाहन के संचालन के लिए प्रशिक्षित किया गया. खास बात यह है कि इंटरसेप्टर वाहन की खरीदी सरकार ने विभिन्न जिलों में काटी गई चालान की राशि से की है. इसकी तैनाती दो साल पहले होनी थी, लेकिन अब इसे तैनात किया गया है.

सड़क सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी-एसपी अग्रवाल
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि इंटरसेप्टर वाहनों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी. साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी कड़ी की जाएगी. सड़क सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. यातायात नियमों का पालन सुरक्षित यात्रा की गारंटी है और इससे अन्य वाहन चालकों में भी सुरक्षा का भाव पैदा होता है. यहां के लोगों को नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना है.
जल्द ही मिलेंगे ई चालान
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि बलौदा बाजार जिले में सर्विलेंस कैमरा तैनात कर दिए गए हैं. अब जल्द ही ई चालान लोगों को मिलेगी. हालांकि, अब तक रायपुर से ही ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर ई-चालान की कॉपी आती रही है. वाहन को तैनात करने से पहले स्पीड बोर्ड लिमिट लगाई गई है. इंटरसेप्टर वाहन भी स्पीड बोर्ड लिमिट लगी जगह पर ही तैनात रहेगी, ताकि विवाद की स्थिति निर्मित ना हो पाए.



