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तुरीधाम में संत शिरोमणि सेन जी महाराज मंदिर निर्माण हेतु भव्य भूमि पूजन सम्पन्न | सर्व नाई समाज का ऐतिहासिक आयोजन

"तुरीधाम में आध्यात्मिक चेतना का नया अध्याय: संत शिरोमणि सेन जी महाराज मंदिर निर्माण हेतु भव्य भूमि पूजन सम्पन्न"

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सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक जागरण का ऐतिहासिक संगम

तुरीधाम, सक्ती में सर्व नाई समाज द्वारा संत शिरोमणि सेन जी महाराज के पावन मंदिर निर्माण हेतु आयोजित भव्य भूमि पूजन कार्यक्रम ने सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव एवं आध्यात्मिक समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। श्रद्धा, आस्था और सामाजिक सहभागिता से ओतप्रोत इस ऐतिहासिक आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजन सपरिवार उपस्थित होकर संत परंपरा के प्रति अपनी निष्ठा और सम्मान का परिचय दिया।

यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा केंद्र स्थापित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उपस्थित वक्ताओं ने संत शिरोमणि सेन जी महाराज के जीवन दर्शन, सेवा भावना और समाज सुधार के संदेशों को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया।

🔍⚡ कार्यक्रम में इन विशिष्ट अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

🏛️ मुख्य अतिथि

श्री धर्मेंद्र सिंह
सभापति, जिला पंचायत सक्ती

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🌟 विशिष्ट अतिथि

सरोजा मनहरण राठौर
पूर्व विधायक, सक्ती विधानसभा

🌟 विशिष्ट अतिथि

लोकनाथ सेन
प्रदेश अध्यक्ष, अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ, सर्व नाई सेन श्रीवास समाज, छत्तीसगढ़

🏔️ विशिष्ट अतिथि

अमिता श्रीवास
माउंट एवरेस्ट पर्वतारोही

🎖️ अध्यक्षता

ईंदल सिंह श्रीवास
जिला अध्यक्ष, सर्व नाई श्रीवास समाज, सक्ती

📜🏛️ मुख्य अतिथि का प्रेरणादायी उद्बोधन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सभापति धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि संत शिरोमणि सेन जी महाराज का जीवन संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। उनके आदर्श सामाजिक समरसता, सेवा और नैतिक मूल्यों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

उन्होंने कहा कि—

✔️ मंदिर निर्माण का यह संकल्प समाज की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।

✔️ यह पहल आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और विरासत से जोड़ने का कार्य करेगी।

✔️ जिला पंचायत स्तर से इस पावन धाम के विकास हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।

✔️ समाज की एकता ही उसकी वास्तविक शक्ति है और यह मंदिर सामाजिक समन्वय का केंद्र बनेगा।

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🌺📢 समाज को एकता और संस्कार का संदेश

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ईंदल सिंह श्रीवास एवं अन्य वक्ताओं ने कहा कि संत सेन जी महाराज के आदर्श केवल किसी एक समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मानवता, सेवा और सदाचार के सार्वभौमिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उन्होंने समाज के युवाओं से संत परंपरा से प्रेरणा लेकर शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।

🏛️⚠️ क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है यह मंदिर निर्माण?

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र—

✔️ सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।

✔️ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

✔️ युवा पीढ़ी को प्रेरणादायी व्यक्तित्वों से जोड़ते हैं।

✔️ समाज में सकारात्मक संवाद और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देते हैं।

✔️ धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की संभावनाओं को भी प्रोत्साहित कर सकते हैं।

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🌐💥 MEDIA HOUSE MPCG ANALYSIS

तुरीधाम में संत शिरोमणि सेन जी महाराज मंदिर निर्माण हेतु आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक संगठन, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सामुदायिक सहभागिता का महत्वपूर्ण प्रतीक बनकर उभरा है।

संत परंपरा से जुड़े ऐसे प्रयास समाज को अपनी ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और जनजागरण को भी नई दिशा प्रदान करते हैं। बड़ी संख्या में समाजजन की सहभागिता यह दर्शाती है कि सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक विकास के प्रति समाज में गहरी प्रतिबद्धता मौजूद है।

🚨📢 समाज जनों के लिए संदेश

“संतों की शिक्षाएं केवल इतिहास नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के निर्माण का आधार हैं। सामाजिक एकता, संस्कार, शिक्षा और सेवा ही किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति है।”

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