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क्राइमछत्तीसगढ़

30 करोड़ से ज्यादा की ठगी

सरकारी नौकरी के नाम पर छत्तीसगढ़ के युवाओं से ठगी, 5 साल में 6000 केस

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छत्तीसगढ़ के युवा सरकारी नौकरी के लालच में लाखों रुपए गंवा रहे हैं। पिछले पांच साल के आंकड़े देखें तो प्रदेशभर में ऐसी छह हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं। ठगों ने सरकारी नौकरी लगवाने का प्रलोभन देकर इस दौरान लगभग 30 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की है। बहुत से युवा ठगे जाने के बावजूद शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैं।

भास्कर ने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि सरकारी महकमों का डाटा इन ठगों तक पहुंच रहा है। इसी के सहारे ठग लोगों के फोन नंबर हासिल कर रहे हैं। और इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहे हैं। इसका दूसरा पहलू ये है कि ऐसी ठगी के मामले में राज्य में इक्का दुक्का प्रकरण ही ऐसे हैं जिसमें दूसरे राज्यों में जाकर आरोपी को पकड़ा हो।

अलर्ट रहें, झांसे में न आएं: तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश के नंबर, सरकारी नौकरी के झांसे में लाखों रुपए गंवा रहे युवा।

केस 1- नर्सिंग छात्राओं से लाखों रु. लिए
सरायपाली और आसपास के इलाकों की 13 से ज्यादा नर्सिंग कोर्स कर चुकी लड़कियों ने हाल ही में धोखाधड़ी की शिकायत की। जिसमें उन्होंने बताया कि सरायपाली के शख्स दामोदर प्रधान ने बड़े सरकारी अस्पताल में नौकरी लगवाने के नाम किसी से दो लाख तो किसी से 3 लाख रुपए लिए।

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महीनों बाद भी जब नौकरी नहीं लगी। तो लड़कियों ने उससे पैसे वापस मांगे। दामोदार के बैंक अकाउंट में 19 लाख रुपए से अधिक राशि ट्रांसफर हुई। जिसमें लड़कियां की ओर से दिए गए पैसा का सबूत भी है। वहीं वाट्सएप पर उसके चैट भी हैं। जिसमें वो पैसे की डिमांड और बाद में लड़कियों को धमकी दे रहा है। जिस नंबर से ऑनलाइन पेमेंट लिया वो बंद आ रहा है। परिजन भी बात नहीं कर रहे हैं।

केस 2 – सूची जारी होने के बाद से फोन
वन विभाग में हैवी और लाइट व्हीकल के ड्रायवर पद पर विभिन्न जिलों में 18 मई 2023 को विज्ञापन निकला। भर्तियां निकाली गई। वन मंडल क्षेत्र के आधार पर इसी साल जनवरी में पात्र अपात्र सूची जारी की गई। जिसके बाद से ही यूपी के नंबर 8274045624 और 7830626503 से उम्मीदवारों के पास फोन आने शुरु हुए।

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भास्कर इनवेस्टिगेशन टीम ने अभ्यर्थी बनकर जब बात की तो ठग ने कहा कि वो नौकरी लगवा देगा। हमने बताया कि हमारा नाम लाइट व्हीकल की अपात्र सूची में है। उसने कहा चिंता नहीं करें, काम हो जाएगा। ठग ने 7830626503 नंबर पर हमसे एडवांस बतौर 10 हजार रुपए ट्रांसफर करने के लिए कहा। ये भी कहा कि जितनी जल्दी रुपए देंगे काम होने की गारंटी बढ़ जाएगी। क्योंकि लाइन में बहुत से लोग हैं। जिस नंबर पर पैसे मांगे गए बाद में वो बंद हो गया।

केस 3 – फूड विभाग का लाइसेंस रीन्यू करवाने की ऐवज में मांग रहे 20 हजार रुपए
खाने पीने की दुकानों और उद्योगों के लिए न्यूनतम एक से पांच साल तक का लाइसेंस दिया जाता है। जिसे बाद में रीन्यू करवाना होता है। इस साल प्रदेश में बड़ी संख्या में लाइसेंस रीन्यू हो रहे हैं। तमिलनाडु के नंबर 9244699957 से प्वाइंटेट ऐसे लोग जिनके लाइसेंस रीन्यू होने थे ,उनके पास लगातार फोन आ रहे हैं।

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जिसमें फीस ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कहा जा रहा है। विभाग के अफसर कहते हैं लाइसेंस रीन्यू कराने के लिए विभाग कभी फोन ही नहीं करता है। प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से संचालक खुद ही कर सकते हैं। दिए नंबर की भास्कर ने पड़ताल की तो इसमें ठगों ने एफएसएसएआई यानी खाद्य नियंत्रक विभाग का लोगो लगा रखा था। हमसे 20 हजार रुपए मांगे गए।

ठगी के आरोपी दूसरे राज्यों से, कार्रवाई नहीं के बराबर
पड़ताल के दौरान भास्कर ने 11 ऐसे विभागों से बात की। पुलिस में हुई शिकायतों का स्टेटस देखा। एक्सपर्ट कहते हैं कि 100 शिकायतों की तुलना में केवल 10 फीसदी ही एक्शन हो पाता है। प्रदेश में कोराना काल में एनएचएम में भी भर्ती के नाम पर बड़ी धोखाधोडी़ हुई थी। उस मामले में उसकी जांच अभी तक जारी है। पुलिस तक ये प्रकरण पहुंचा नहीं है। जानकारों का कहना है ज्यादातर मामलो में ठग अन्य राज्यों में भाग जाते हैं। इससे तकनीकी रूप से भी बहुत दिक्कते आती हैं।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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