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 बिलासपुरछत्तीसगढ़

रेलवे पटरी पर हाथियों का धरना : शावक आ गया ट्रेन की चपेट में, दल ने 10 घंटे तक रोके रखी आवाजाही

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बिलासपुर। झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल के हावड़ा-मुंबई मार्ग पर बंडामुंडा स्टेशन के रेलवे ट्रैक पर 23 हाथियों का झुंड इकट्ठा हो गया। हाथियों के झुंड ने कई ट्रेनों को रोक दिया। जिससे तकरीबन 10 घंटे तक रेलवे ट्रैफिक प्रभावित रहा और छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 16 ट्रेने प्रभावित हो गई। बताया जताया है कि, कुछ दिन पहले हाथी के शावक की मौत हो गई थी। इसलिए शावक की तलाश में देर रात हाथियों का झुंड पटरी पर इकट्ठा हो गया था और घंटो तक यह रुट बाधित रहा।

10 किमी की रफ्तार से ट्रेन चलाने का जारी किया गया आदेश 

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हाथियों की मौजूदगी की खबर मिलते ही संबंधित रेल मंडल ने ट्रेनों की गति को लेकर आदेश जारी किया कि, अप-डाउन दोनों दिशा की ट्रेनें इस सेक्शन से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जाएं। यह निर्णय हाथियों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया था। दरसअल, तेज रफ्तार होने पर ट्रेनों को नियंत्रित कर पाना मुश्किल होता है। ऐसे में निर्धारित गति से चलने के दौरान अगर हाथी आ भी जाते हैं, तो ट्रेनें आसानी से रोकी जा सकती हैं। इस दौरान वन विभाग की टीम रेलवे ट्रैक के आसपास मौजूद थी।

इसी जगह पर हुई शावक की मौत 

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उल्लेखनीय है कि, एक सप्ताह पहले इसी जगह हाथियों के झुंड को मालगाड़ी ने टक्कर मार दी थी. जिससे एक हाथी के बच्चे की मौत हो गई थी। इस हादसे में हाथी का शावक घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। माना जा रहा है कि हाथियों का दल लापता शावक की तलाश में भटक रहा है। जिस जगह पर यह हादसा हुआ था, वहां हाथियों का दल बच्चे की तलाश में मंडरा रहा था। लेकिन शावक नहीं मिला तो हाथियों का दल वापस जंगल लौट गया.

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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