
जम्मू के इस गांव में रहस्यमयी बीमारी से हो रही मौत: पूरा इलाका ‘कंटेनमेंट जोन’ घोषित, लॉकडाउन जैसी पाबंदी
जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले के बदहाल गांव में हस्यमयी बीमारी से डेढ़ महीने में 17 लोगों जान चली गई. रहस्यमयी बीमारी से तीन अलग-अलग परिवार के 17 लोगों की मौत होने से गांव में हड़कंप मचा हुआ है. एहतियात बरतते हुए अब पूरे गांव को ही ‘कंटेनमेंट जोन’ घोषित करने का फैसला लिया गया है. अब गांव में पाबंदी लगाते हुए किसी घर में मौत होने पर घर को सील करने का आदेश जारी किया गया है. इसके अलावा लोगों के भाेजन पानी की भी निगरानी की जाएगी.
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में रहस्यमयी बीमारी से हो रही मौत को लेकर लगातार प्रशासन गांव की निगरानी कर रही है. इस बीमारी से बादल गांव में एक परिवार से जुड़े तीन अलग-अलग घरों के 17 लोगों की जान जा चुकी है. इस बीमारी ने बीतें एक सप्ताह में बादल गांव निवासी असलम के सभी 6 बच्चों के अलावा उनके मामा-मामी जान ले ली.
इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने के बाद भी एक शख्स इस बीमारी से पीड़ित है और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसके बाद प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है. कंटेनमेंट जोन घोषित करने के बाद इस गांव के लोग कोई भी सार्वजनिक या निजी समारोह आयोजित नहीं कर सकेंगे और न ही किसी कार्यक्रम में भाग ले सकेंगे.
राजौरी के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट राजीव कुमार खजूरिया ने गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित करने का आदेश जारी करते हुए गांव को नियंत्रण के लिए तीन क्षेत्रों में बांटा है. पहले क्षेत्र में वे सभी परिवार शामिल हैं, जिनके घर में मौतें हुई हैं. इसके अलावा दूसरे नंबर के कंटेनमेंट जाने में उन लोगों के घरों को रखा गया है, जो रहस्यमयी बीमारी से प्रभावित लोगों के संपर्क में आए हैं. इन लोगों की सतत निगरानी की जाएगी और स्थिति गंभीर होने पर इन्हें राजौरी मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर किया जाएगा.
पूरा गांव कंटेनमेंट जोन-3 के दायरे में
कंटेनमेंट जोन के तीसरे क्षेत्र में गांव के बचे हुए घरों को रखा गया है. इसके तहत पूरे गांव को कवर क लोगों के लिए भोजन-पानी की कर्मचारियों द्वारा की जाएगी. आदेश का पालन कराने गांव में पुलिसकर्मी भी तैनात किए जाएंगे. इसके अलावा लाॅग बुग का रखरखाव करने के लिए गांव में अधिकारी भी तैनात रहेंगे.
घरों को किया जाएगा सील
एहतियात के तौर पर केंटेनमेंट जोन के तहत इस बीमारी से किसी की मौत होने पर उसके परिजनों को अलग रखते हुए उस घर को सील करने की तैयारी की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद परिवार के लोगों के साथ-साथ किसी को भी घर के अंदर जाने की परमिशन नहीं होगी. घर सील होने के बाद उसमें सिर्फ अधिकृत डॉक्टर, अधिकारी-कर्मचारी ही प्रवेश कर सकेंगे.



