
राजस्थान में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या Video : हिस्ट्रीशीटर समेत 5 आरोपी अरेस्ट
राजस्थान से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां झुंझनूं जिले के सूरजगढ़ थाना क्षेत्र के बलौदा गांव में शराब माफियाओं ने एक दलित युवक की पीट-पीटकर जान ले ली। उसके हाथ-पांव बांधकर और उल्टा लटकाकर बेरहमी से पीटा। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग भी निरुद्ध है।
आरोप है कि बदमाशों ने पीड़ित युवक को 6 घंटे तक टार्चर किया। फिलहाल सोशल मीडिया पर राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा की लॉ एंड ऑर्डर को लेकर किरकिरी हो रही है। सोशल मीडिया पर #भजनलाल_शर्मा_इस्तीफा_दो ट्रेंड कर रहा है।
14 मई को बाजार से लौटते वक्त उठाया
दरअसल, बलौदा गांव के रहने वाले रामेश्वर बाल्मीकि और जेठूराम नायक 14 मई को बाजार से लौट रहे थे। तभी आरोपी उन्हें जबरन अपनी बाइक पर बिठाया और एक हवेली में ले गए। वहां रामेश्वर को उल्टा लटका बेरहमी से पीटा। अचेत होने पर उसे हरियाण के एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया। जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद बदमाश रामेश्वर को उसके घर के पास फेंक गए।
खबर की सच्चाई बताने के लिए Video दिखाना जरूरी। यह विचलित करने वाला है, कृपया कमजोर दिल वाले और बच्चे न देखें।
पुलिस ने इस मामले में दीपेंद्र सिंह चिंटू, प्रवीण उर्फ पीके, प्रवीण उर्फ बाबा, सुभाष उर्फ चिंटू और सतीश उर्फ सुखा को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों में एक हिस्ट्रीशीटर
पुलिस का कहना है कि चार आरोपियों के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। दीपेंद्र सूरजगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस कार्रवाई में जुटी है। इस बीच तफ्तीश में सामने आया है कि रामेश्वर का कसूर सिर्फ इतना था कि वह उनके ठेके से शराब नहीं खरीदता था। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि बलौदा गांव में शराब ठेका कर्मियों और अवैध शराब बनाने वालों के बीच लंबे समय से रंजिश है। इसी को लेकर आरोपियों को गौशाला में काम करने वाले रामेश्वर पर अवैध शराब बनाने को लेकर शक था। इसी रंजिश में आरोपियों ने रामेश्वर को उठाया और उसे बर्बरता से पीटा। जिससे उसकी मौत हो गई।



