
स्वर्ण मंदिर के बाहर चली गोली, सुखबीर बादल को मारने का प्रयास; आतंकी संगठन से जुड़ा है आरोपी
पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
घटना के बाद फैल गई दहशत
गोली मुख्य प्रवेश द्वार की एक दीवार पर जा लगी, मुक्त कर्मी ने पलक झपकते ही नारायण सिंह से पिस्तौल छीन ली। कुछ पलों के लिए यहां दहशत फैल गई, मिसफायर होने से बादल बाल-बाल बच गए। सादा वर्दी में तैनात पुलिस कर्मियों तथा उनके समर्थकों ने उन्हें तुरंत सुरक्षा घेरे में ले लिया। पुलिस नारायण सिंह को काबू कर तुरंत थाना कोतवाली ले गई।
दलजीत चीमा ने भगवंत मान से मांगा इस्तीफा
डॉ दलजीत सिंह चीमा ने सरकार की इस सुरक्षा चौक के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने इसकी न्यायिक जांच करवाने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा एजेंसी को यह मालूम था कि नारायण सिंह बीते दिन भी बादल की रेकी कर रहा था तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया। क्या अधिकारी बादल के साथ अप्रिय घटना होने का इंतजार कर रहे थे।
पुलिस कमिश्नर ने किया ये दावा
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने दावा किया कि पुलिस की सतर्कता की वजह से ही गोली सीधी नहीं चल पाई। सुखबीर बादल की सुरक्षा के लिए श्री हरमंदिर साहिब के आसपास करीब 200 सुरक्षा कर्मचारी तैनात किए गए हैं। नारायण सिंह की पिस्टल छीनने वाला भी पंजाब पुलिस का ही कर्मचारी है।



