
बीजापुर में बड़ी मुठभेड़: 12 नक्सली मारे गए, DRG के 3 जवान शहीद, दो घायल जवान खतरे से बाहर
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर- दंतेवाड़ा की सीमा पर जवानों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है। एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि, पिछले दो घन्टे से मुठभेड़ जारी है। इस दौरान अब तक 12 माओवादी ढेर हुए हैं जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं मुठभेड़ में बीजापुर DRG के 3 जवान शहीद हो गए हैं। वहीं DRG के 2 घायल जवान खतरे से बाहर है।
मुठभेड़ स्थल से नक्सलियों के शव के साथ ही 303 के साथ SLR राइफलें बारमद हुआ है। मुठभेड़ में DRG के दो जवान प्रधान आरक्षक मोनू वड़दी और आरक्षक दुकारु गोंदे शहीद हुए हैं। वहीं जवान सोमदेव यादव घायल हैं। मुठभेड़ DRG, STF,कोबरा और CRPF जवानों के साथ अब भी जारी है।
एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि, इलाके में सर्चिंग अभी भी जारी है। अतिरिक्त रीइन्फोर्समेंट टीमें भेजी गई हैं। फोर्स की बल संख्या पर्याप्त है तथा क्षेत्र को कॉर्डन कर सर्चिंग जारी है। ऑपरेशन पूर्ण होने के उपरांत विस्तृत जानकारी उपयुक्त समय पर साझा की जाएगी।
नक्सलियों के शव बरामद
मुठभेड़ बीजापुर के गंगालूर इलाके में चल रही है। मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जवानों ने बड़ी संख्या में नक्सलियों को घेर रखा है। जवानों ने नक्सलियों के घेरे को तोड़ा। अब तक कुल 12 माओवादी कैडरों के शव बरामद हुआ है l साथ ही SLR राइफलें, INSAS राइफलें और .303 राइफलें भी बरामद की गई है।
शहीद जवानों के नाम
1.शहीद प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, DRG बीजापुर
2.शहीद आरक्षक दुकारू गोंडे, DRG बीजापुर
3. शहीद जवान रमेश सोड़ी, DRG बीजापुर
सीएम साय ने किया ट्वीट
बीजापुर जिले में चल रहे नक्सल-विरोधी अभियान में आज हमारे वीर सुरक्षाबलों ने 12 माओवादियों को न्यूट्रलाइज किया है। क्षेत्र में लगातार सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है। इस मुठभेड़ में DRG बीजापुर के प्रधान आरक्षक मोनू वडड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और आरक्षक रमेश सोड़ी ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। मैं इन वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि शोक-संतप्त परिजनों को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
मुठभेड़ में घायल अन्य दो जवान खतरे से बाहर हैं। उनके समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। मैं उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। हमारे जवानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हमारे जांबाजों की यह बहादुरी और सफल कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि लाल आतंक का अंत अब बहुत निकट है। हमारी सरकार और हमारे सुरक्षाबल “माओवाद के पूर्ण खात्मे” के संकल्प पर दृढ़ता से अडिग हैं। जब तक बस्तर के अंतिम गाँव तक शांति, सुरक्षा और विकास का प्रकाश नहीं पहुँच जाता, तब तक हमारा यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।



