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छत्तीसगढ़

समायोजित होंगे बीएड वाले शिक्षक : सरकार के फैसले से हुए खुश, सीएम से मिलकर जताया आभार

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रायपुर। बीएड सहायक शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए उन्हें लैब टेक्नीशियन के रूप में समायोजित करने के राज्य सरकार के फैसले का स्वागत किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक निर्णय पर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर शिक्षकों ने खुशी जाहिर की और सरकार के इस निर्णय की सराहना की। मुलाकात के बाद सीएम साय ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि, शिक्षकों के चेहरे पर मुस्कान देखकर आत्मिक संतोष की प्राप्ति हुई है। समायोजन के निर्णय से सभी प्रसन्न हैं।

सीएम साय का युवा शिक्षकों से आत्मीय संवाद

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि, युवा शिक्षकों से आत्मीय संवाद हुआ और उनसे आग्रह किया गया कि, वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें। सरकार के इस फैसले को शिक्षा जगत में सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल शिक्षकों को सम्मान और स्थायित्व देगा, बल्कि राज्य के शिक्षा स्तर को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सहायक शिक्षकों ने जताया आभार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से छत्तीसगढ़ के 2600 से अधिक बीएड अर्हताधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों के जीवन में खुशियां लौट आई है। प्रदेश सरकार ने बर्खास्त शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के युवाओं का भविष्य एक बार फिर संवर गया है।

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मुख्यमंत्री साय से 1 मई को मुख्यमंत्री निवास में बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ग़जमाला पहनाकर उनके प्रति कृतज्ञता जताई। श्री साय ने इस मौके पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, बच्चों का और देश का भविष्य गढ़ना शिक्षकों का सबसे बड़ा कर्तव्य है। आप सभी अपने दायित्व के प्रति सचेत हों और इस भूमिका में सर्वोच्च योगदान दें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, सरकार ने शिक्षकों की चिंता पहले दिन से की थी। आप हमारे प्रदेश के बच्चें है और आपके भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प हमने पहले से ले लिया था। श्री साय ने कहा कि, यह कदम छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माताओं को नया संबल देगा और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि, ये युवा शिक्षक आने वाले वर्षों में प्रदेश की नई पीढ़ी को दिशा देंगे और छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह निर्णय शिक्षकों के उज्जवल, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की एक नई शुरुआत है।

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मुख्यमंत्री के इस ऐतिहासिक निर्णय ने पूरे देश में की मिसाल कायम : डिप्टी सीएम विजय शर्मा 

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि, श्री साय के साथ आपके नौकरी के संबंध में लगातार चर्चा होती थी। हमारे मुखिया इतने संवेदनशील हैं कि, उन्होंने पहले ही दिन कहा था कि, जितनी भी आर्थिक बोझ पड़े राज्य सरकार अपने युवाओं के भविष्य को खतरे में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि, आपके परिजन भी लगातार हमसे संपर्क कर अपनी चिंता व्यक्त करते थे और आज मुख्यमंत्री ने उन सभी की चिंता को दूर करते हुए अपना वादा निभाया। मुख्यमंत्री ने न केवल अपना वादा निभाया है बल्कि अपनी इच्छा शक्ति से सुशासन को स्थापित करने का कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि, श्री साय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने पूरे देश में मिसाल कायम की है।

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युवा शिक्षकों ने कहा – ऐसी सरकार जो हमारी पीड़ा को समझती है

इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि, नौकरी जाने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर गहरी आशंका में थे और लगातार मानसिक पीड़ा झेल रहे थे। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता ने उन्हें संबल दिया। शिक्षकों ने बताया कि, मुख्यमंत्री ने हर बार उनकी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हमसे वादा किया था कि, हमारे बेटे-बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा और आज उन्होंने अपना वादा निभाकर एक अभिभावक की जिम्मेदारी पूरी की है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल युवा शिक्षकों ने कहा कि, श्री साय के नेतृत्व में सरकार ने वास्तव में सुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। हमें गर्व है कि, आज हमारे प्रदेश में ऐसी सरकार है जो हमारी पीड़ा को समझती है और संवेदनशीलता के साथ हमारी समस्याओं का समाधान करती है।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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