
बंगाल के बार में ‘शराब-कबाब’ के साथ अब ‘शबाब’ भी!: ममता बनर्जी सरकार ने पारित किया नया विधेयक
पश्चिम बंगाल के बार में अब महिलाएं भी शराब परोस सकेंगी। दरअसल बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने नया विधेयक पारित कर महिलाओं को बार में काम करने की अनुमति दी है। इसमें बंगाल आबकारी अधिनियम, 1909 में संशोधन किया गया है। इस विधेयके बाद ON कैटेगरी की शराब की दुकानों में महिलाओं के रोजगार दिया जा सके और यहां पर उनके काम करने पर रोक को हटाया जा सके। भारत के कई राज्यों में महिलाओं को बार में काम करने का अधिकार पहले से है।
पश्चिम बंगाल वित्त विधेयक, 2025 को राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधानसभा में पेश किया। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधेयक पर चर्चा का करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुरुषों और महिलाओं के बीच भेदभाव में विश्वास नहीं करती है। उन्होंने कहा कि विधेयक के दूसरे प्रावधानों के अलावा, यह राज्य सरकार को अवैध शराब बनाने की रोकथाम के लिए गुड़ सहित और भी दूसरे कच्चे माल की आपूर्ति की निगरानी करने का अधिकार देता है।
क्या है ऑन कैटेगरी?
ऑन कैटेगरी बार/शॉप ऐसी जगह होती है, जहां पर शराब को वहीं उसी जगह पर पीने की अनुमति होती है और उसे वहीं परोसा जाता है। ये ऑफ कैटेगरी की दुकानों से बिल्कुल अलग है। ऑफ कैटेगरी में शराब की दुकान में शराब पीने की अनुमति नहीं होती है। यहां से कस्टमर शराब लेकर जा सकते हैं।
इन राज्य़ों में महिलाएं शराब की दुकान पर करती हैं काम
बेंगलुरु में महिलाएं बार में काम कर सकती हैं। 2012 में, कर्नाटक पुलिस अधिनियम के तहत, बेंगलुरु पुलिस ने सभी पब और रेस्तरां लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया था, ताकि वो महिलाओं को यहां पर रोजगार देने सकें। वहीं दिल्ली में महिलाओं को बार में काम करने और शराब परोसने की अनुमति है। यहां महिलाओं को बार स्टाफ के रूप में औपचारिक तौर पर काम कर सकती हैं।



