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छत्तीसगढ़ में जल्द शुरू होगी चार प्रमुख रेल परियोजनाएं, रेल मंत्री ने सीएम साय को दिया आश्वासन

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रायपुर. छत्तीसगढ़ को जल्द 4 नई रेलवे लाइनें मिलने जा रही है. इस संबंध में आज सीएम विष्णु देव और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की. सीएम साय ने कहा, छत्तीसगढ़ की 4 नई रेल परियोजनाओं पर केंद्रीय रेल मंत्री से चर्चा हुई है. उन्होंने डीपीआर तैयार होने की जानकारी दी है.

मुलाकात के दौरान सीएम ने राज्य की चार प्रमुख रेल परियोजना धर्मजयगढ़-पत्थलगांव, लोहरदगा नई लाइन परियोजना, अंबिकापुर-बरवाडीह नई लाइन परियोजना, खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा नई रेल लाइन परियोजना और रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना को जल्द शुरू करने का आग्रह किया. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं की संभावनाओं और लाभों को स्वीकार किया और इन पर तेजी से काम करने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है और रेलवे मंत्रालय इन्हें प्राथमिकता देगा.

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सीएम साय ने कहा, राज्य में रेलवे कवर कम है, लेकिन पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद तीसरी बार हमें बड़ी उम्मीदें है. आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को 4 नई रेल लाइनें मिलेगी. रेलवे सेक्टर को लेकर राज्य में होने वाले विकास को लेकर भी केंद्रीय रेल मंत्री से चर्चा की गई है.

धर्मजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई लाइन परियोजना (240 किमी)

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है. यह पत्थलगाँव, कुनकुरी, जशपुर नगर, गुमला आदि महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ती है. यह उत्तरी छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ेगी. इस परियोजना के माध्यम से औद्योगिक (कोरबा) क्षेत्र को लोहरदगा से जोड़ने की योजना है. इसके अतिरिक्त यह क्षेत्र को पूर्व में कोरबा और रांची के होकर मध्य भारत से जोड़ेगी. परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16,000 करोड़ रुपए है.

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अंबिकापुर-बरवाडीह नई लाइन परियोजना (200 किमी)

इस परियोजना की मांग आजादी से पहले 1925 में की गई थी. हालांकि, 1948 में मंजूरी मिलने के बावजूद यह परियोजना अब तक अधूरी रही. मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना अंबिकापुर (उत्तरी छत्तीसगढ़) को बरवाडीह (झारखंड) से जोड़ेगी और परसा, राजपुर, चंदनपुर आदि महत्वपूर्ण शहरों को कनेक्ट करेगी. इस परियोजना के माध्यम से देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्से में कोयला और अन्य खनिजों के परिवहन के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा. परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 9000 करोड़ रुपए है.

खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा नई रेल लाइन परियोजना (277 किमी)

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना देश के पश्चिमी क्षेत्र में एसईसीएल और एमसीएल कोयला क्षेत्रों की निकासी के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती है. यह बिलासपुर और रायपुर स्टेशनों को बायपास करते हुए बलौदाबाजार क्षेत्र को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 8000 करोड़ रुपए है.

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रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना (140 किमी)

रेलवे पहले से ही दल्ली-राजहरा-रावघाट 95 किमी नई रेलवे लाइन का निर्माण कर रही है. मुख्यमंत्री साय ने सुझाव दिया कि इस लाइन को जगदलपुर तक बढ़ाया जाए, ताकि आदिवासी क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास किया जा सके. यह परियोजना छत्तीसगढ़ के खनिज समृद्ध क्षेत्र से इस्पात उद्योगों तक लौह अयस्क की निकासी के कुशल और पर्यावरण अनुकूल साधन प्रदान करेगी. परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3500 करोड़ रुपए है.

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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