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कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्री को कितनी मिलती है तनख्वाह?

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मंत्रिमंडल में तीन तरह के मंत्री होते हैं, जिनमें कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्री होता है। मंत्रिमंडल में सबसे ताकतवर कैबिनेट मंत्री होता है। उसके बाद राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और फिर राज्य मंत्री होता है, जिन्हें भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है, उन्हें बाकी सांसदों की तुलना में हर महीने अलग से भत्ता भी मिलता है।

वैसे तो लोकसभा के हर सदस्य की सैलरी और भत्ते तय है। प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री या राज्य मंत्री बनते हैं, उन्हें हर महीने बाकी सांसदों की तुलना में एक अलग से भत्ता भी मिलता है।

सांसदों को हर महीने मिलते हैं 1 लाख रुपये

सांसदों को मिलने वाली सैलरी और भत्ते सैलरी एक्ट के तहत तय होती है। इसके मुताबिक, लोकसभा के हर सदस्य को हर महीने 1 लाख रुपये की बेसिक सैलरी मिलती है। इसके साथ ही 70 हजार रुपये निर्वाचन भत्ता और 60 हजार रुपये ऑफिस खर्च के लिए अलग से मिलते हैं। इसके अलावा जब संसद का सत्र चलता है तो दो हजार रुपये का डेली अलाउंस भी मिलता है।

हर महीने अलग से मिलता है सत्कार भत्ता

प्रधानमंत्री और मंत्रियों को हर महीने सत्कार भत्ता (Sumptuary allowance) भी अलग से मिलता है। प्रधानमंत्री को 3 हजार रुपये, कैबिनेट मंत्री को 2 हजार, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को 1 हजार और राज्य मंत्री को 600 रुपये का सत्कार भत्ता हर महीने मिलता है। ये भत्ता असल में हॉस्पिटैलिटी के लिए रहता है और मंत्रियों से मिलने आने वाले लोगों की आवभगत पर खर्चा होता है।

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प्रधानमंत्री को 2.33 लाख मिलते हैं

लोकसभा सांसद को सैलरी और भत्ते मिलाकर हर महीने कुल 2.30 लाख रुपये मिलते हैं। वहीं प्रधानमंत्री को 2.33 लाख, कैबिनेट मंत्री को 2.32 लाख, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को 2.31 लाख और राज्य मंत्री को 2,30,600 रुपये मिलते हैं।

तीनों के अंतर को समझिएः-

कैबिनेट मंत्रीः मंत्रिमंडल में सबसे ताकतवर कैबिनेट मंत्री होता है। कैबिनेट मंत्री सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं। इन्हें जो भी मंत्रालय दिया जाता है, उसकी पूरी जिम्मेदारी उनकी ही होती है। कैबिनेट मंत्री को एक से ज्यादा मंत्रालय भी दिए जा सकते हैं। कैबिनेट मंत्री का बैठकों में शामिल होना जरूरी होता है। सरकार अपने सभी फैसले कैबिनेट बैठक में ही लेती है।

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार): कैबिनेट मंत्री के बाद स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री ताकतवार होते हैं। इनकी भी सीधी रिपोर्टिंग प्रधानमंत्री को ही होती है। इनके पास अपना मंत्रालय होता है. ये कैबिनेट मंत्री को रिपोर्ट नहीं करते। स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं होते हैं।

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राज्य मंत्रीः कैबिनेट मंत्री की मदद के लिए राज्य मंत्री बनाए जाते हैं। इनकी रिपोर्टिंग कैबिनेट मंत्री को होती है। एक मंत्रालय में एक से ज्यादा भी राज्य मंत्री बनाए जा सकते हैं। कैबिनेट मंत्री की गैरमौजूदगी में मंत्रालय की सारी जिम्मेदारी राज्य मंत्री की होती है। राज्य मंत्री भी कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं होते हैं।

अभी और बन सकते हैं 9 मंत्री

अभी मोदी कैबिनेट में 9 सांसद और मंत्री बन सकते हैं, क्योंकि संविधान में 81 मंत्रियों की सीमा तय है। संविधान के 91वें संशोधन के मुताबिक, लोकसभा के कुल सदस्यों में से 15% को ही मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, इसलिए कैबिनेट में 81 मंत्री ही हो सकते हैं।

पीएम मोदी की कैबिनेट की पूरी लिस्ट

कैबिनेट मंत्री
1. नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री)
2. राजनाथ सिंह
3. अमित शाह
4. नितिन गडकरी
5. जेपी नड्डा
6. शिवराज सिंह

7. निर्मला सीतरमण
8. एस जयशंकर
9. मनोहर लाल खट्टर
10. एचडी कुमारस्वामी
11. पीयूष गोयल
12. धर्मेंद्र प्रधान
13. जीतनारम मांझी

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14. राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह
15. सर्वानंद सोनेवाल
16. डॉक्टर वीरेंद्र कुमार
17. राम मोहन नायडू
18. प्रह्लाद जोशी
19. जुएल ओरांव
20. गिरिराज सिंह
21. अश्विनी वैष्णव
22. ज्योतिरादित्य सिंधिया

23. भूपेंद्र यादव
24. गजेंद्र सिंह शेखावत
25. अन्नपूर्णा देवी
26. किरण रिजिजू
27. हरदीप पुरी
28. मनसुख मांडविया
29. जी किशन रेड्डी
30. चिराग पासवान
31. सीआर पाटिल

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

32. राव इंद्रजीत सिंह
33. जितेंद्र सिंह
34. अर्जुन राम मेघवाल
35. प्रतापराव गणपतराव जाधव
36. जयंत चौधरी

राज्य मंत्री

37. जितिन प्रसाद
38. श्रीपद यशो नाइक
39. पंकज चौधरी
40. कृष्णपाल गुर्जर
41. रामदास अठावले
42. रामनाथ ठाकुर

43. नित्यानंद राय
44. अनुप्रिया पटेल
45. वी सोमन्ना
46. चंद्रशेखर पेम्मासानी
47. एसपी सिंह बघेल

48. शोभा करांदलाजे
49. कीर्तिवर्धन सिंह
50. बीएल वर्मा
51. शांतनु ठाकुर
52. सुरेश गोपी
53. एल मुरगन
54. अजय टमटा

55. बंदी संजय
56. कमलेश पासवान
57. भागीरथ चौधरी
58. सतीश दुबे

59. संजय सेठ
60. रवनीत सिंह बिट्टू
61. दुर्गादास सुइके
62. रक्षा खडसे
63. सुकांता मजूमदार
64. सावित्री ठाकुर

65. तोखन साहू
66. राजभूषण चौधरी
67. श्रीनिवास वर्मा
68. हर्ष मल्होत्रा
69. नीमूबेन बमभानिया

70. मुरलीधर मोहोल
71. जॉर्ज कुरियन
72. पबित्रा मार्गेरिटा

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