
छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा नक्सल सरेंडर, दंतेवाड़ा में एक साथ 71 माओवादियों ने डाले हथियार, बस्तर में नक्सलवाद को झटका
दंतेवाड़ा: बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों की लगातार हो रही कार्रवाई का असर नक्सल संगठन पर व्यापक तौर पर दिख रहा है. एंटी नक्सल ऑपरेशन में अब तक बस्तर में कुल 9 नक्सल कमांडर का सफाया हो चुका है, एक टॉप कमांडर सुजाता ने बीते दिनों सरेंडर किया है, जबकि 9 टॉप नक्सल कमांडर अभी सक्रिय हैं. इस बीच बस्तर के नक्सल इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सरेंडर अभियान दंतेवाड़ा में 24 सितंबर को सफल हुआ है. बुधवार को एक साथ कुल 71 नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में हथियार डाले हैं.
सरेंडर करने वाले नक्सलियों की जानकारी
दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने बताया कि पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान और लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान से प्रभावित होकर कुल 71 नक्सलियों ने सरेंडर किया है. इन नक्सलियों में 64 लाख के 30 इनामी माओवादी शामिल हैं. सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों में 21 महिला और 50 पुरुष नक्सली हैं.
दंतेवाड़ा में जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया है. उनकी जानकारी इस प्रकार है.
बामन मड़काम, 30 वर्ष, प्लाटून नम्बर 02 पीपीसीएम/डिप्टी कमाण्डर, निवासी पंगुड़ थाना मोदकपल्ली, 8 लाख का इनामी
मनकी उर्फ समीला मण्डावी, उम्र 20 वर्ष साल, कम्पनी नम्बर 01 सदस्य, निवासी ताड़नार थाना ओरछा जिला नारायणपुर, 8 लाख की इनामी
शमिला उर्फ सोमली कवासी, उम्र 25 साल, एसीएम/इन्द्रावती एरिया कमेटी जनमिलिशिया कमाण्डर, निवासी रेखावाया थाना ओरछा, 5 लाख की इनामी
गंगी उर्फ रोहनी बारसे, उम्र 25 साल, भामरागढ़ एरिया कमेटी एसीएम, निवासी कंगालतोंग थाना किस्टाराम जिला सुकमा, 5 लाख की इनामी
संतोष मण्डावी (30 वर्ष) एसीएम/कुतुल एरिया कमेटी जनमिलिशिया कमाण्डर, निवासी पल्लेवाया तुतपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर ,05 लाख रुपये इनाम घोषित



