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कौन हैं ज्ञानेश कुमार: कैसे बने मुख्य चुनाव आयुक्त; कब ग्रहण करेंगे पदभार?

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ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) बनाया गया है। ज्ञानेश कुमार 19 फरवरी को पदभार ग्रहण करेंगे। उनका कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक रहेगा। ज्ञानेश नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले सीईसी हैं। मौजूदा सीईसी राजीव कुमार मंगलवार (18 फरवरी) को रिटायर होंगे। ज्ञानेश कुमार कौन हैं? कैसे चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) बने?

कौन हैं नए CEC ज्ञानेश कुमार? 
ज्ञानेश कुमार का जन्म 27 जनवरी 1964 को हुआ। ज्ञानेश कुमार ने कानपुर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक. पूरा करने के बाद आईसीएफएआई में बिजनेस फाइनेंस और अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एचआईआईडी में पर्यावरण अर्थशास्त्र का अध्ययन किया। ज्ञानेश कुमार केरल कैडर और 1988 बैच के आईएएस हैं। केरल SC-ST डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर रहे। चुनाव आयुक्त बनने से पहले गृह मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी रहे। संसदीय कार्य मंत्रालय में सेक्रेटरी रहे। UPA सरकार के दौरान रक्षा मंत्रालय में तैनात रहे।

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अब कई राज्यों में कराएंगे चुनाव 
जम्मू कश्मीर में धारा 370 समाप्त करने और राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाने वाले विधेयक का मसौदा उन्होंने ही तैयार किया था। इसके अलावा 3 तलाक को खत्म करने से जुड़ी मसौदा समिति में भी उनकी अहम भूमिका रही है। 61 वर्षीय ज्ञानेश कुमार 2028 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहेंगे। इस दौरान वह तमिलनाडु, बिहार, पश्चिचम बंगाल, असम सहित अन्य बड़े राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न कराएंगे।

ऐसे बने मुख्य चुनाव आयुक्त
बता दें कि सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के तौर पर ज्ञानेश कुमार के नाम पर मुहर लगी। कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सर्च कमेटी ने चयन समिति को 5 नाम सौंपे। इनमें से किसी को मुख्य चुनाव आयुक्त चुना जाना था। समिति ने परंपरा के आधार पर सबसे सीनियर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश का नाम CEC पद के लिए प्रस्तावित कर दिया।

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राहुल गांधी ने डिसेंट नोट किया था जारी
चयन समिति में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा गृहमंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हैं। बैठक में राहुल गांधी ने चयन प्रक्रिया डिले करने सहित कुछ बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा, लेकिन बहुमत के आधार पर उनकी आपत्तियों को खारिज कर दिया गया। बैठक के बाद राहुल गांधी ने डिसेंट नोट जारी किया था। राहुल ने कहा था कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है इसलिए यह बैठक नहीं होनी चाहिए थी।

कैसे होता है CEC का चयन? 
मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल वैसे तो छह वर्ष का होता है, लेकिन सेवानिवृत्ति के लिए निर्धारित 65 वर्ष की उम्र पूरी करते ही कई बार उन्हें पद छोड़ना पड़ता है। ज्ञानेश कुमार नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। इसके पहले प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा CEC नियुक्त किए जाते थे। सामान्य तौर सबसे सीनियर चुनाव आयुक्त को ही मौजूदा सीईसी का उत्तराधिकारी चुन लिया जाता था।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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