प्राइवेट बैंकों में साइबर ठगी का पैसा जमा करने का मामला, 216 अकाउंट सीज 35 अरेस्ट
दुर्ग: केंद्रीय गृह मंत्रालय के समन्वय एप के माध्यम से बड़ी जानकारी हाथ लगी थी.जिसमें दुर्ग के कर्नाटक और फेडरल बैंक के खातों में दूसरे राज्यों से ठगी की रकम जमा करवाई गई थी. दोनों बैंक मिलाकर कुल 216 खातों की जानकारी पुलिस को मिली थी. जिसके बाद पुलिस ने तफ्तीश करने के बाद 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.जिसमें 4 महिलाएं भी शामिल हैं.
खाताधारकों समेत मास्टर माइंड अरेस्ट
मोहन नगर पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के समन्वय एप के माध्यम से सूचना मिली कि दुर्ग स्टेशन रोड स्थित कर्नाटका बैंक के 111 खाताधारकों के एकाउंट को सीज कर जांच की जा रही थी. जांच में पुलिस ने खाताधारकों के अकाउंट में मनी लांड्रिंग, साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग का पैसा ट्रांसफर होता था. पुलिस ने समन्वय एप के माध्यम से पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है.
फेडरल बैंक में भी ठगी का पैसा हुआ जमा
खाता इस मामले के अलावा भिलाई के फेडरल भी 105 खाते को सीज किया गया है. दोनों बैंक के 216 खातों को सीज कर दिया था. जिसमें करोड़ों रुपए का ट्रांसफर हुए है. पुलिस ने कर्नाटका बैंक के 111 खाते से 2 करोड़ 85 लाख का ट्रांसफर की जानकारी पुलिस को लगी है. पुलिस ने इस मामले में 15 बैंक खाताधारकों समेत 20 लोगों को गिरफ्तार किया है.जिसमें 4 महिलाएं भी शामिल हैं.
पुलिस के मुताबिक आरोपी रितेश पांडेय ने खाता धारकों को पैसे का लालच देकर उनसे खाता खरीदकर आरोपी अमरजीत को बेचा था.इन खातों का इस्तेमाल आरोपी ठगी का पैसा जमा करने और निकालने में करते थे. आरोपियों ने 111 खाता को 8.35 लाख में खरीदकर दिल्ली में एक युवक को 9.55 लाख में बेच दिया था. इस मामले में पकड़े गए अधिकांश लोग ऑनलाइन गेमिंग एप से जुड़े हैं.



