
राहुल गांधी से छिन जाएगी नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी! BJP के दावे ने कांग्रेस की बढ़ाई बेचैनी
हरियाणा विधानसभा चुनाव में BJP रिकॉर्ड लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। 17 अक्टूबर को नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे। इसी बीच बीजेपी ने राहुल गांधी पर एक नया दावा कर कांग्रेस की बेचैनी बढ़ा दी है। बीजेपी ने दावा किया कि राहुल गांधी से नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी जल्द ही छिन जाएगी। हरियाणा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद इंडिया अलायंस इस पर विचार कर रही है।
नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि विपक्षी दलों के भीतर कई सक्षम नेता हैं जो कि विपक्ष के नेता (LOP) की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय तो उन्हें लेना है क्योंकि यह INDIA गठबंधन का आंतरिक मामला है। वहीं बीजेपी के इस दावे के बारे में विपक्षी दलों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भाजपा सांसद की यह टिप्पणी उस समय आई, जब उनसे लोकसभा में प्रतिपक्ष पद को रोटेशनल बनाने की संभावना के बारे में पूछा गया। पार्टी हेड ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बांसुरी स्वराज ने कहा, “हां! मैंने भी सुना है कि प्रतिपक्ष के पद को रोटेशनल बनाने की बात चल रही है, लेकिन मैं ये कहूंगी की ये विपक्ष का आंतरिक मामला है।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि INDIA गठबंधन को प्रतिपक्ष की भूमिका के बारे में अपने विकल्पों पर विचार करना चाहिए। वह बोलीं कि विपक्षी दलों में निश्चित रूप से कई नेता हैं जो LOP की जिम्मेदारी को पूरा करने में काफी सक्षम हैं। अगर गठबंधन को लगता है कि राहुल गांधी अपनी जिम्मेदारी पूरी लगन से नहीं निभा पा रहे हैं तो उन्हें ऐसा फैसला लेना चाहिए।
जानिए बांसुरी स्वराज के दावे में क्यों है दम?
बता दें कि हरियणा विधानसभा चुनाव में हुई करारी हार ने कांग्रेस और राहुल गांधी को अंदर से हिलाकर रख दिया है। इसके साइड इफेक्ट ने किस तरह कांग्रेस को तोड़ दिया है, इसी से समझा जा सकता है कि हरियाणा हार की समीक्षा बैठक में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अपने ही नेताओं पर भड़क गए थे। राहुल ने नेताओं को भटकार लगाते हुए परिणामों की जांच के लिए एक कमेटी बना डाली। इसके सदस्यों की घोषणा जल्द होगी।
वहीं हरियाणा में भाजपा के खिलाफ सीधी लड़ाई में कांग्रेस की हार पर इंडिया गठबंधन के सहयोगियों ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा था। गठबंधन के कई दलों ने कांग्रेस की रणनीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। शिवसेना ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को पता है कि जीत को हार में कैसे बदलना है। इसमें आप (AAP), टीएमसी (TMC), एनसीपी (NCP) (शरद पवार गुट) और शिवसेना (Shiv Sena) (उद्धव ठाकरे गुट) शामिल है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में भी कांग्रेस पर निशाना साधा था।
शिवसेना ने सामना में लिखा कि हरियाणा की हार से महाराष्ट्र कांग्रेस को भी सीख लेने की जरूरत है। दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और आप सांसद संजय सिंह ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा के लोग बीजेपी को हराना चाह रहे थे। कांग्रेस में कमी रह गई। कांग्रेस की रणनीति में कमी रही। एकजुटता की कमी रही. कांग्रेस को आत्ममंथन करने की जरूरत है। साथ ही महाविकास अघाड़ी दल का हिस्सा और एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस का परफार्मेंस अच्छा होगा लेकिन वैसा नहीं हुआ तो अब कांग्रेस से बात करेंगे। उनसे जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर क्या गलतियां हुई ताकि फिर से वो गलतियां नहीं करें।



