Advertisment
नई दिल्ली

नई दिल्ली स्टेशन हादसे पर हाई कोर्ट ने रेलवे से मांगा जवाब; आप जरूरत से ज्यादा टिकट क्यों बेचते हैं?

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुआ हादसा अब दिल्ली हाईकोर्ट में है. दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलवे को इस घटना पर दायर याचिका के संबंध में आदेश दिया कि वह इसमें उठाए गए मुद्दों की जांच करें. 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 14, 15 और 16 पर हुई भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में रेलवे से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की चिंता सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं है; वह यह भी है कि अगर रेलवे ने नियमों का पालन किया होता तो यह स्थिति नहीं होती. कोर्ट ने आगे कहा कि वह रेलवे को भविष्य में ऐसे नियम लागू करने का आदेश दे रहे हैं। कोर्ट ने रेलवे बोर्ड के फैसले का विवरण देते हुए रेलवे को एक संक्षिप्त हलफनामा देने को कहा. पूरे मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी.

इसे भी पढ़ें:  लोकसभा स्पीकर के लिए भाजपा की डी. पुरंदेश्वरी का नाम सबसे आगे !, छत्तीसगढ़ की रह चुकी हैं प्रभारी

चीफ जस्टिस ने कहा कि मैं समझता हूँ कि कोई विरोध नहीं होना चाहिए. हाईकोर्ट ने कहा कि SG के सुझाव के अनुसार, इन मुद्दों पर रेलवे बोर्ड में उच्चतम स्तर पर जांच चल रही है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान रेलवे से पूछा कि वह एक कोच में समायोजित होने वाले यात्रियों की संख्या से अधिक टिकट क्यों बेचती है?  न्यायालय ने कहा, “यदि आप एक कोच में समायोजित होने वाले यात्रियों की संख्या तय करते हैं, तो आप बेचते क्यों हैं, टिकटों की संख्या उस संख्या से अधिक क्यों होती है? यही समस्या है.”

इसे भी पढ़ें:  संसद परिसर से हटाई गईं महात्मा गांधी, शिवाजी और अंबेडकर की प्रतिमाएं, कांग्रेस ने जताई आपत्ति…

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वासन दिया कि जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दों पर उच्चतम स्तर पर विचार किया जाएगा और कहा कि मामला अनुचित तरीके से नहीं लिया गया है और रेलवे कानून का पालन करने के लिए बाध्य है.

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि घटना के दिन 9600 से अधिक अनारक्षित टिकट बेचे गए थे और अगर अधिकारी कानून के अनुसार काम करते तो घटना को रोका जा सकता था. वकील ने कहा “अगर रेलवे अपने नियमों और प्रावधानों का पालन करता, तो बहुत सी चीजें रोकी जा सकती थीं. यह याचिका राष्ट्रीय हित और व्यापक जनहित में है. मैं बुनियादी ढांचे या नीतिगत मुद्दों पर टिप्पणी नहीं कर रहा हूं,”

इसे भी पढ़ें:  मुंबई से न्यूयॉर्क जा रहे Air India विमान को मिली बम से उड़ाने की धमकी, डायवर्ट कर दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारा

अदालत ने कहा कि जनहित याचिका सिर्फ पिछली भगदड़ की घटना तक सीमित नहीं है क्योंकि इसमें एक डिब्बे में यात्रियों की अधिकतम संख्या और प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री के संबंध में मौजूदा कानूनों को लागू करने की मांग की गई है, जो पर्याप्त रूप से लागू होते तो भगदड़ की ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था.

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles