Advertisment
छत्तीसगढ़

मां बम्लेश्वरी मंदिर में प्रज्जवलित 901 ज्योति कलशों का विसर्जन, परंपरा के सम्मान में थमे ट्रेनों के पहिए

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

डोंगरगढ़। शारदीय नवरात्र के समापन पर छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी धाम में ज्योत कलश विसर्जन किया गया। इस दौरान अद्वितीय परंपरा को देखने लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। वहीं इस बार भी हर साल की तरह मुंबई-हावड़ा मुख्य रेलमार्ग पर गुजरने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया था। जिससे कलश विसर्जन करने वाली माताएं आसानी से पटरी को पार कर सकें।

इस साल डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर से निकली शोभायात्रा में 901 ज्योति कलशों का महावीर तालाब में विसर्जन किया गया। विसर्जन के लिए देर शाम माताएं अपने सिर पर ज्योत कलश रखकर निकली। इस यात्रा का एक विशेष दृश्य यह भी है कि, जब महिलाएं सिर पर ज्योत लेकर मुंबई- हावड़ा रेलमार्ग की पटरियों को पार करती हैं तब रेलवे प्रशासन स्वयं ट्रेनों का संचालन रोक देता है। यह दृश्य केवल परंपरा ही नहीं, बल्कि आस्था की उस शक्ति को दर्शाता है जिसके आगे सब कुछ थम जाता है।

 

इसे भी पढ़ें:  चुनाव ड्यूटी से बचने के अजब बहाने..:

प्राचीन समय से चली आ रही परंपरा
मान्यताओं के अनुसार, मां बम्लेश्वरी धाम में मनोकामना ज्योत की परंपरा कई शताब्दियों पुरानी है। मां बम्लेश्वरी महिमा से खुश होकर राजा ने मंदिर की स्थापना की थी। तब से ही ज्योत प्रज्वलन और विसर्जन की यह परंपरा शुरू हुई है। यह परंपरा आज भी चली आ रही है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इसी परंपरा में शामिल होकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं।

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles