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नई दिल्लीसुप्रीम कोर्ट

बाबा रामदेव को ‘सुप्रीम’ झटका, अब योग शिविर के लिए चुकाना होगा सर्विस टैक्स, देने होंगे इतने करोड़

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नई दिल्ली। योग गुरु बाबा रामदेव  के सितारे इन दिनों ठीक नहीं चल रहे हैं। योग गुरु बाबा रामदेव को सुप्रीम कोर्ट से फिर झटका लगा है। अब योग शिविर के लिए सर्विस टैक्स चुकाना होगा। स्वामी रामदेव के योग शिविरों का आयोजन करने वाली संस्था ‘पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट’अब सर्विस टैक्स  यानी सेवा शुल्क का भुगतान करना होगा। बाबा रामदेव को अब 4.5 करोड़ रुपये देने होंगे।

सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क, मेरठ रेंज के आयुक्त ने पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट से जुर्माना और ब्याज समेत अक्टूबर 2006 से मार्च 2011 के दौरान लगाए गए ऐसे शिविरों के लिए लगभग 4.5 करोड़ रुपये अदा करने को कहा था। इसके सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अभय एम ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने इस सिलसिले में सर्विस टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल के फैसले को बरकरार रखा है। सर्विस टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल ने अपने फैसले में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट को आवासीय और गैर-आवासीय दोनों योग शिविरों के आयोजन के लिए सर्विस टैक्स का भुगतान अनिवार्य बताया था।

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पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट स्वामी रामदेव के योग शिविरों के लिए प्रवेश शुल्क लेती है। जस्टिस ओक और जस्टिस भुइयां की पीठ ने अपने फैसले में कहा, ‘सर्विस टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल ने सही कहा है. प्रवेश शुल्क लेने के बाद तो शिविरों में योग एक सेवा  है। हमें ट्राइब्यूनल के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता। लिहाजा पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट की अपील खारिज की जाती है.’ इसी के साथ अदालत ने सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय ट्राइब्यूनल की इलाहाबाद पीठ के 5 अक्टूबर, 2023 के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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