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छत्तीसगढ़

SIR: 40 हजार मतदाताओं को जारी होगा नोटिस, इस वजह से लिया गया ये बड़ा फैसला… वरना मतदाता सूची से कटेगा नाम

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SIR: विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए किए गए एसआईआर सर्वे के बाद प्रशासन ने अब कार्रवाई तेज कर दी है। सर्वे के दौरान ‘सी’ कैटेगरी में चिन्हित लगभग 40 हजार से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

इन मतदाताओं को अपनी नागरिकता और संबंधित क्षेत्र में निवास की प्रमाणिकता साबित करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक दस्तावेज़ प्रस्तुत न करने पर उनका नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। तीसरे चरण के दौरान दावा-आपत्ति दर्ज कराने वालों की सहायता के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय ने राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की थी।

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बैठक में निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा रहा है। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को फार्म-6 (नाम जोडऩे), फार्म-7 (नाम हटाने) और फार्म-8 (संशोधन) का वितरण कर दिया गया है, ताकि पात्र मतदाताओं को सुविधा मिल सके।

नाम जोड़वाने देना होगा दस्तावेज

प्रशासन ने राजनीतिक प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को जागरूक करें और आवश्यक दस्तावेज़ समय पर प्रस्तुत कराने में सहयोग दें। नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाताओं को सुनवाई केंद्रों पर उपस्थित होकर यह साबित करना होगा कि उनका नाम पहले की मतदाता सूची में दर्ज रहा है, या वे लंबे समय से क्षेत्र में निवासरत हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य फर्जी प्रविष्टियों को रोकते हुए मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और शुद्ध बनाना है।

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तीन श्रेणियों में हुआ है सर्वे

ए श्रेणी: निर्वाचन विभाग द्वारा मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के लिए वर्ष 2003 और वर्ष 2025 की सूचियों का मिलान किया गया था। इस जटिल प्रक्रिया को तीन श्रेणियों में बांटा गया था। पहली ए कैटेगरी में वे 65 हजार मतदाता शामिल हैं, जिनके नाम वर्ष 2003 की सूची में भी मौजूद थे और वर्तमान 2025 की सूची में भी यथावत पाए गए हैं। ये सबसे सुरक्षित मतदाता माने गए हैं।

बी श्रेणी: दूसरी बी कैटेगरी में लगभग 61 हजार मतदाताओं को रखा गया है। ये वे लोग हैं जिनका नाम 2003 की सूची में तो नहीं था, लेकिन 2025 की सूची में दर्ज है। जांच के दौरान इनके माता-पिता या किसी करीबी रिश्तेदार का नाम 2003 की सूची में मिल जाने के कारण इन्हें वैध माना गया है।

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सी श्रेणी: तीसरी सी कैटेगरी में उन 40 हजार मतदाताओं को रखा गया है जिनका नाम वर्तमान सूची में तो है, लेकिन उनके या किसी भी रिश्तेदार या पूर्वज का नाम 2003 की रिकॉर्ड सूची में नहीं मिल पाया है। साथ ही इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो सर्वे के दौरान अपने दिए गए पते पर उपलब्ध नहीं थे।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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