
पाकिस्तान-बांग्लादेश में छाएगी गरीबी: डोनाल्ड ट्रंप ने रोकी मदद, कंगाल पाकिस्तान रोएगा ‘बदहाली के आंसू’
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में आते ही कई ऐसी घोषणाएं की, जिसने दुनिया के देशों की नींद उड़ा दी है. उनके एक फैसले से भारत के पड़ोसियों पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देश मुश्किल में पड़ गए हैं. विदेश मंत्रालय से जारी आदेश के अनुसार अमेरिका फर्स्ट के एजेंडे के तहत सभी विदेशी सहायता को निलंबित करने की घोषणा की है.
डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के सभी संघीय एजेंसियों को आदेश जारी किया कि विदेशों में विकास के लिए दिए जाने वाले फंड को तत्काल 90 दिनों के लिए रोक दिया जाए और जो विकास प्रोग्राम अभी चल रहे हैं, उनका मूल्यांकन किया जाए.
बांग्लादेश के अलावा आर्थिक तंगहाली से गुजर रहे पाकिस्तान में कई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स अमेरिकी मदद से चल रहे हैं. लेकिन ट्रंप के आदेश से ये प्रोजेक्ट्स रुक गए हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 20 सालों में अमेरिका ने पाकिस्तान को 32 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता दी है. अमेरिका सरकार के बेवसाइट ForeignAssistance.gov में उपल्बध जानकारी के अनुसार, अमेरिकी से मदद पाने वाला पाकिस्तान दुनिया का 20वां सबसे बड़ा देश है.
अमेरिका से मदद पाने बांग्लादेश शीर्ष 10 में सांतवे स्थान पर
भारत का पड़ोसी मुलका बांग्लादेश शीर्ष 10 देशों में सातवें स्थान पर है जिन्हें अमेरिका से विकास कार्यों के लिए सबसे अधिक मदद देता है. दिसंबर में जारी ForeignAssistance.Gov की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल अमेरिका में बांग्लादेश को 49 करोड़ डॉलर की मदद मुहैया कराई है.
नेपाल भी शामिल
गौरतलब है कि नेपाल को भी भारी मात्रा में अमेरिकी मदद मिलती है. विकास कार्यों के लिए नेपाल अमेरिकी मदद पाने वाला दुनिया का 19वां देश है. नेपाल को 1951 से अब तक यूएसएआईडी ने 1.5 अरब डॉलर की मदद की है. बता दें कि वित्त वर्ष 2020-21 में अमेरिका ने नेपाल को 10.594 करोड़ डॉलर और 2018-19 में 12.5 करोड़ डॉलर सहायता की है. अमेरिका की मदद से नेपाल में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक विकास, मानवीय सहायता और महिला एवं बाल सशक्तिकरण जैसे प्रोग्राम्स चल रहे हैं.



