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देश के 11.7 लाख स्टूडेंट्स स्कूलों से बाहर, इस राज्य के सबसे ज्यादा बच्चे, चौंकाने वाले है ये आंकड़े

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देश में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के बड़े-बड़े दावे किए जाते है. नौनिहालों को देश का भविष्य कहा जाता है. लेकिन देश में नौनिहालों की शिक्षा की स्थिति दयनीय हो चली है. नए आंकड़ो के अनुसार देशभर में ऐसे कई लाख बच्चे हैं. जिनकी पहुंच स्कुल से दूर-दूर तक नहीं है. उन बच्चो के लिए आज भी स्कूल जाना सपने देखने के बराबर है. हाल ही में मिले आंकड़ो के अनुसार देशभर के 11 लाख से अधिक बच्चे स्कूल नहीं जा रहे है.

देशभर के आंकड़ो और राज्यों की लिस्ट में पहला नाम सबसे बडे राज्य और देश की राजधानी से लगे उत्तर प्रदेश का है. यूपी में सबसे ज्यादा 7.84 लाख बच्चे स्कूलों से बाहर हैं. इस लिस्ट में झारखंड और असम का भी नाम है. झारखंड में 65 हजार और असम में 63 हजार से ज्यादा बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से बाहर हैं. यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि भारत में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता के मामले में अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है, खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में स्थिति बेहद गंभीर है. जहां आज भी लाखों बच्चो को शिक्षा से वंचित होना पड रहा है.

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राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले दशक में ग्रामीण साक्षरता दर में काफी अच्छा सुधार हुआ है. 2011 में यह दर 67.77 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में बढ़कर 77.50 प्रतिशत हो गई है. खासतौर पर महिला साक्षरता दर में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. महिलाओं की साक्षरता दर 57.93 प्रतिशत से बढ़कर 70.40 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि पुरुषों में यह दर 77.15 प्रतिशत से बढ़कर 84.7 प्रतिशत हो गई है. यह दिखाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में एक समग्र विकास हो रहा है. जिसमें महिलाओं को विशेष रूप से सशक्त किया जा रहा है.

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केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस वर्ष 2024-25 के शैक्षणिक सत्र में 7.90 लाख से अधिक छात्रों ने कक्षा 9 और 10 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय को चुना है. इसके साथ ही 50 हजार से अधिक छात्र कक्षा 11 और 12 में इस विषय में शिक्षा ले रहे हैं. यह संकेत है कि देश में तकनीकी शिक्षा और नवाचार की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है. शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार की ओर भी कदम बढ़ाए गए हैं.

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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