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आधार कार्ड में एक गलती दोबारा नहीं सुधरती, अपडेट से पहले जान लें ये जरूरी नियम

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देश में लगभग हर व्यक्ति के पास अब आधार कार्ड है. करीब 140 करोड़ से ज्यादा लोगों आधार कार्ड धारक हैं. इसकी जरूरत बैंक खाता खोलने, मोबाइल सिम लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ पाने और टैक्स से जुड़ी कई जरूरी कामें में पड़ जाती है.

आधार कार्ड की अहमियत काफी ज्यादा है. किसी भी दस्तावेज़ या पहचान सत्यापन के लिए भी इसे इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि इसमें दर्ज हर जानकारी बिल्कुल सही होना जरूरी है. नाम, जन्मतिथि, पता या फोटो जैसी डिटेल में छोटी सी गलती भी परेशानी खड़ी कर सकती है.
आधार कार्ड की अहमियत काफी ज्यादा है. किसी भी दस्तावेज़ या पहचान सत्यापन के लिए भी इसे इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि इसमें दर्ज हर जानकारी बिल्कुल सही होना जरूरी है. नाम, जन्मतिथि, पता या फोटो जैसी डिटेल में छोटी सी गलती भी परेशानी खड़ी कर सकती है.
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UIDAI लोगों को आधार में गलत जानकारी अपडेट कराने की सुविधा देता है. आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से नाम, जन्मतिथि, पता और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां सुधार सकते हैं. लेकिन इसके लिए कुछ लिमिट तय की गई हैं.
UIDAI लोगों को आधार में गलत जानकारी अपडेट कराने की सुविधा देता है. आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से नाम, जन्मतिथि, पता और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां सुधार सकते हैं. लेकिन इसके लिए कुछ लिमिट तय की गई हैं.
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UIDAI ने यह नियम बनाया है कि आधार में दर्ज कुछ जानकारियों को केवल एक बार ही सुधारा जा सकता है. यानी अगर आपने गलती से गलत जानकारी दोबारा दर्ज कर दी. तो उसे फिर से सुधारने का मौका नहीं मिलेगा.
UIDAI ने यह नियम बनाया है कि आधार में दर्ज कुछ जानकारियों को केवल एक बार ही सुधारा जा सकता है. यानी अगर आपने गलती से गलत जानकारी दोबारा दर्ज कर दी. तो उसे फिर से सुधारने का मौका नहीं मिलेगा.
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इनमें बात करें तो नाम, जन्मतिथि और लिंग से जुड़ी जानकारियों में सिर्फ एक बार बदलाव की परमिशन होती है. वहीं पता जैसी जानकारी को कई बार बदला जा सकता है. इसलिए इस नियम का खास ध्यान रखना जरूरी है नहीं तो परेशानी हो सकती है.
इनमें बात करें तो नाम, जन्मतिथि और लिंग से जुड़ी जानकारियों में सिर्फ एक बार बदलाव की परमिशन होती है. वहीं पता जैसी जानकारी को कई बार बदला जा सकता है. इसलिए इस नियम का खास ध्यान रखना जरूरी है नहीं तो परेशानी हो सकती है.
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UIDAI यह लिमिट इसलिए रखी है ताकि पहचान से जुड़ी जानकारी के दुरुपयोग को रोका जा सके. कई मामलों में गलत जानकारियों के ज़रिए फर्जीवाड़ा या पहचान की चोरी के खतरे बढ़ जाते हैं. इसलिए अपडेट करवाने की लिमिट है.
UIDAI यह लिमिट इसलिए रखी है ताकि पहचान से जुड़ी जानकारी के दुरुपयोग को रोका जा सके. कई मामलों में गलत जानकारियों के ज़रिए फर्जीवाड़ा या पहचान की चोरी के खतरे बढ़ जाते हैं. इसलिए अपडेट करवाने की लिमिट है.
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अगर आप अपने आधार कार्ड में इनमें से कोई सुधार करना चाहते हैं. तो अपडेट से पहले सभी दस्तावेज़ अच्छी तरह चेक कर लें. सही जानकारी अपलोड करें क्योंकि एक बार अपडेट करने के बाद वही फाइनल मानी जाएगी और दोबारा बदलने का ऑप्शन नहीं रहेगा.
अगर आप अपने आधार कार्ड में इनमें से कोई सुधार करना चाहते हैं. तो अपडेट से पहले सभी दस्तावेज़ अच्छी तरह चेक कर लें. सही जानकारी अपलोड करें क्योंकि एक बार अपडेट करने के बाद वही फाइनल मानी जाएगी और दोबारा बदलने का ऑप्शन नहीं रहेगा.
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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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