Advertisment
Uncategorized

ऑनलाइन होगा NEET Exam! नीट पेपर लीक के बीच सरकार का बड़ा ऐलान…

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

NEET Paper Leak मामला सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इसे लेकर पूरे दूेश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इससे सरकार बैक फुट पर है। पेपर लीक को लेकर मचे हंगामे के बीच इसके फॉर्मेट में बदलाव की भी बात सामने आई है। खबर है कि सरकार अगले साल से NEET Exam ऑनलाइन कराने पर विचार कर रही है। इसे लेकर जल्द ही शिक्षा मंत्रालय बड़ा फैसला ले सकती है।

पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र की हाई लेवल कमेटी ने छात्रों और अभिभावकों से सुझाव मांगे हैं। कमेटी ने इनसे परीक्षा में सुधार और NTA को लेकर सुझाव मांगे हैं। नीट मामले में केंद्र ने सात सदस्यीय कमेटी बनाई थी। छात्रों और अभिभावकों की ओर से भेजे गए सुझाव में ऑनलाइन परीक्षा भी शामिल है।

वर्तमान में नीट यूजी एग्जाम (neet ug exam) पेन और पेपर मोड में करवाया जाता है। इस पेपर का फॉर्मेट एमसीक्यू वाला होता है, जिसमें छात्रों को आंसर चुनने के लिए ऑप्शन दिए जाते हैं। छात्र अपने आंसर को एक ओएमआर शीट पर लिखते हैं, जिसे बाद में स्कैन किया जाता है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कई मौकों पर नीट यूजी एग्जाम को ऑनलाइन मोड में करवाने पर असहमति जताई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से ही नीट एग्जाम को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) आयोजित करवाती है।

जेईई एग्जाम के फॉर्मेट पर हुई चर्चा

इसे भी पढ़ें:  गायक कन्हैया मित्तल कांग्रेस में होंगे शामिल!, BJP को लगा बड़ा झटका, लोकसभा चुनाव में ‘जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे…’ गाया था

अभी आईआईटी और इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन्स और अडवांस्ड एग्जाम ऑनलाइन मोड में करवाए जाते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने एनटीए में सुधार और एग्जाम प्रोसेस में समीक्षा करने के लिए इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सात सदस्यीय पैनल का गठन किया। इस पैनल की पिछले एक हफ्ते में हुई कम से कम तीन हाई लेवल की बैठकों में जेईई एग्जाम के फॉर्मेट पर चर्चा की है।

ऑनलाइन एग्जाम से स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्यों किया इनकार

दरअसल, 2018 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ऐलान किया था कि नीट 2019 से ऑनलाइन और साल में दो बार आयोजित किया जाएगा। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस ऐलान पर आपत्ति जताई और कहा कि उसकी परामर्श के बिना फैसला लिया गया है। फिर शिक्षा मंत्रालय ने अपने फैसले को मजबूरन वापस ले लिया। स्वास्थ्य मंत्रालय इस बात को लेकर चिंतित था कि अगर ऑनलाइन एग्जाम करवाए जाते हैं तो इससे गरीब और ग्रामीण छात्रों को नुकसान होगा।

इसे भी पढ़ें:  तेलंगाना में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव, ट्रेन के शीशे टूटे, सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस

CBI का बड़ा एक्शन, गुजरात के 4 जिलों में  7 ठिकानों पर छापेमारी

इधऱ पेपर लीक में CBI का एक्शन जारी है।  CBI ने गुजरात के 4 जिलों में 7 ठिकानों में छापेमारी की है। CBI ने शनिवार को गुजरात के गोधरा, खेड़ा, आनंद और अहमदाबाद के ठिकानों पर छापेमारी की। वहीं CBI ने हजारीबाग से पत्रकार जमालुद्दीन को भी गिरफ्तार किया है। जमालुद्दीम पर प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल को असिस्ट करने का आरोप है। कॉल डिटेल्स से खुलासा हुआ है कि जमालुद्दीम लगातार फोन के जरिए प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल से संपर्क में था। पूछताछ में पता चला है कि पेपर लीक में ये प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसपल की मदद कर रहा था उन्हें असिस्ट कर रहा था।

इसे भी पढ़ें:  आवारा कुत्तों ने 6 साल के मासूम को बुरी तरह नोंचा, अस्पताल पहुंचने से पहले बच्चे ने तोड़ा दम

CBI ने मांगी 4 आरोपियों की रिमांड

CBI ने गुजरात के गोधरा में 5  मई को NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं में कथित रूप से शामिल रहने के मामले में गुजरात पुलिस द्वारा गिरफ्तार 5 लोगों में से 4 लोगों की 4 दिन की रिमांड की अपील की. CBI  के वकील ध्रुव मलिक ने जिला अदालत को सूचित किया कि गुजरात पुलिस ने पहले जांच की है, लेकिन एजेंसी को इन आरोपियों को हिरासत में लेने की जरूरत है क्योंकि वह नये सिरे से जांच कर रही है.

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles