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छत्तीसगढ़

नवा रायपुर बनेगा नया तहसील क्षेत्र: अधिसूचना जारी, आमजन से 60 दिनों में मंगाई दावा-आपत्ति

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रायपुर। रायपुर जिले में एक और तहसील अस्तित्व में आने वाली है। नवा रायपुर के आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर नई तहसील प्रस्तावित की है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर 60 दिनों में दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई है। इस अवधि के बाद दावा-आपत्ति का निराकरण कर तहसील क्षेत्र को अधिसूचित किया जाएगा। अटलनगर तहसील में उत्तर के क्षेत्र की सीमा मंदिर हसौद, दक्षिण में अभनपुर, पूर्व में गोबरा नवापारा और पश्चिम में रायपुर तहसील तक शामिल होगा।

नवा रायपुर तहसील में. कुल 06 राजस्व निरीक्षक मण्डल पलौद, मंदिरहसौद, केन्द्री, तोरला, सेरीखेडी, रायपुर 18 कांदुल तथा राजस्व निरीक्षक मण्डल 06 के कुल 20. पटवारी हल्के पलौद 20, 21, 23, 24, 25, 26 मंदिर हसौद – 15, 22, केन्द्री 13, 14, 15, 16, 18, 19, तोरला-01, 02, सेरीखेडी- 16, 39, 40, रायपुर-18 कांदुल – 51,06 राजस्व निरीक्षक मण्डल के 20 पटवारी हल्के के कुल 39 ग्राम-पनौव परसदा -20 पलौद -21 रीको 21 सेंद-21 चीचा- 23 बरौदा-23 रमचंडी -23 कयाबांधा -24 झांझ-24 नवागांव -24 खपरी -24 कुहेरा-25 राखी -25 कोटनी- 26 कोटराभाठा- 26 तांदुल-26, मंदिर हसौद छतौना 22 नवागांव-15 केन्द्री-बेन्द्री-13 परसट्ठी-13 निमोरा-14 उपरवारा-15 तुता-15 केन्द्री-16 झांकी-16 खण्डवा-18 भेलवाडीह -18 पचेड़ा-19 तोरला-चेरिया-1 पौंता- 1 वंजारी-1 तेन्दुआ -1 कुरू-2, सेरीखेड़ी-सेरीखेड़ी -16 नकटी-16 टेमरी-39 धरमपुरा-39 बनरसी-40, रायपुर-18, कांदुल- माना -51, को मिलाकर 20 पटवारी हल्के के 39 ग्राम नवीन तहसील, अटल नगर में शामिल होंगे।

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नवा रायपुर में नया विहार के नाम से नया शहर बनाने की तैयारी है। इस संबंध में आवास एवं पर्यावरण विभाग ने एक नई अधिसूचना का प्रकाशन भी कराया है। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण ने ग्राम बरौंदा, रमचंडी, रीको, मंदिर हसौद, ग्राम सेरीखेड़ी और नकटी में 436 हेक्टेयर से अधिक भूमि के लिए नगर विकास योजना का प्रारूप तैयार किया है। इस प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। इसे पूर्व में जारी नगर विकास योजना के प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों के भीतर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के बाद तैयार किया गया है। खास बात ये है कि इसी अधिसूचना में कहा गया है कि अधिसूचना में प्रकाशित भूखंड़ो की सूची को भू-स्वामित्व या भू-अभिलखों के रूप में सत्यापन नहीं माना जाएगा। जो कि छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व विभाग के अपडेटेड भू-अभिलेखों के अनुसार सत्यापन के अधीन होगा। योजना को अंतिम रूप देने के बाद अंतिम भूखंड़ो का आवंटन और उसके बाद अंतिम भूखंड़ो का कब्जा भूस्वामी के अपडेटेड और प्रमाणित भू-स्वामित्व अभिलेखों के उचित सत्यापन के बाद किया जाएगा।

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कुछ साल पहले रायपुर के समीप जिस तरह कमल विहार (अब कौशल्या विहार) बनाया गया था, ठीक वैसे ही यह नया विहार बनाने की योजना है। इसमें किसानों की जमीनें ली जाएंगी और उन्हें विकसित कर उसका एक हिस्सा किसान को ही दिया जाएगा। इसके लिए करीबन आधा दर्जन गांवों की 436 हेक्टेयर यानी करीब 1100 एकड़ से ज्यादा जमीन ली जाएगी। जिन लोगों की जमीन ली जाएगी, बदले में उन्हें 30-40 फीसदी विकसित प्लॉट देते हुए शेष जमीन आम लोगों को बेची जाएगी। नया विहार में आवासीय, कमर्शियल, चिकित्सा और शिक्षा के लिए भी जमीन रिजर्व की जाएगी। जरूरतमंद लोग और संस्था अपनी जरूरतों के अनुसार जमीन की खरीदी कर सकेंगे। योजना को नवा रायपुर के मास्टर प्लान के अनुसार ही डेवलप किया जाएगा। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण ने प्रारूप तैयार कर लिया है। इसमें वो सभी सुविधाएं होंगी जो नए शहर में होनी चाहिए है। अंडरग्राउंड बिजली वायर, सीवरेज प्लांट, चौड़ी सड़कें, वाई-फाई, घरों में पाइपलाइन से एलपीजी की सप्लाई समेत सुविधाएं होंगी। यह योजना ग्राम बरौदा, रमचंडी, रीको, मंदिरहसौद तहसील, आरंग, सेरीखेड़ी, नकटी के तहत कुल 436.0152 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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